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UP का शोपीस ब्रिज: गंगा में खड़ा 40 करोड़ का ‘कंक्रीट का ढांचा’, जो कहीं नहीं ले जाता

संजीव शर्मा

पुल, यानी दो दूरियों को पाटने वाला निर्माण. पुल बनाए ही इसलिए जाते हैं कि दूरियां खत्म हों. लोग इस पार से उस पार को…

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पुल, यानी दो दूरियों को पाटने वाला निर्माण. पुल बनाए ही इसलिए जाते हैं कि दूरियां खत्म हों. लोग इस पार से उस पार को जाएं. पर यूपी के बिजनौर में गंगा पर बने इस ढांचे को हम पुल कैसे कहें. 2019 से तैयार यह ढांचा किसी को कहीं लेकर नहीं जाता. जनता की गाढ़ी कमाई से आने वाले टैक्स से करोड़ों खर्च कर किसी बहुद्देश्यी योजना को कैसे पलीता लगाया जाता है, इसकी बानगी देखनी हो तो आइए हमारे साथ बिजनौर में गंगा किनारे के गांव बालावाली चलिए. यहां 2015 में करीब 40 करोड़ के एस्टिमेट से पुल बनाने की घोषणा हुई. ऐसा पुल जो यूपी को सीधे उत्तराखंड से जोड़ता. हरियाणा, पंजाब भी जुड़ते. पर थक-हार कर 2019 में जब निर्माण पूरा हुआ तो यह महज कंक्रीट का एक ढांचे के रूप में ही रह गया.

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