इटावा: चंबल नदी में 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने पर बाढ़ का अलर्ट जारी, प्रशासन ने की तैयारी

अमित तिवारी

इटावा में स्तिथ चंबल और यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ के हालात पैदा हो जाते हैं.

फोटो: अमित तिवारी, यूपी तक

यमुना नदी में हथिनीकुंड और चंबल में कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद इटावा के निचले स्तर पर बसे हुए लगभग 40 गांव प्रभावित होते हैं.

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इस बार चंबल नदी में कोटा बैराज से 4 लाख क्यूसेक पानी एक साथ छोड़े जाने पर बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है.

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पिछले वर्ष काफी मात्रा में पानी छोड़ा गया था तो कई वर्षों के बाद बाढ़ की स्थिति आई थी. पिछले वर्ष से सबक लेते हुए इस बार जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है.

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जो गांव प्रभावित हुए थे जिनमें चकरनगर और सदर तहसील है, उन पर पूरी तैयारी सुनिश्चित कर ली गई है.

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क्षेत्र में बाढ़ चौकियां तैयार हैं. वहां पर संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है. सभी के द्वारा निरीक्षण हो गया है.

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अभी कुछ दिन पहले ढाई लाख क्यूसेक पानी चंबल में आने से नदी के किनारे के सटे खेतों में पानी भर गया था और कुछ गांव के संपर्क मार्ग पर भी पानी आ गया था.

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मगर पानी घटने की वजह से मार्ग फिर से खाली हो गए थे. अब एक साथ चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति गंभीर हो सकती है.

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ऐसे में जिला प्रशासन की तरफ से बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है.

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