IIT कानपुर के प्रोफेसर का दावा- जून-जुलाई तक प्रतिदिन 25 हजार बढ़ सकते हैं कोरोना के मामले

रंजय सिंह

• 12:05 PM • 05 Apr 2023

पिछले कुछ दिनों से देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में आम जनता से लेकर स्वास्थ्य…

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पिछले कुछ दिनों से देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में आम जनता से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक की चिंताएं बढ़ गई हैं. तेजी से पैर पसार रहे कोरोना संक्रमण मामले के बीच कानपुर आईआईटी के प्रोफेसर डॉ. मणीन्द्र अग्रवाल का दावा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता करने की कोई बात नहीं है.

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अपने गणितीय मॉडल पर शोध करके कोरोना संक्रमण को लेकर सटीक भविष्यवाणी कर चुके प्रोफेसर डॉ. मणीन्द्र अग्रवाल ने बताया कि ‘आने वाले दिनों में कोविड के मामले और बढ़ेंगे. ऐसी संभावना भी है कि जून-जुलाई तक कोरोना के मामले बढ़ने की संख्या प्रतिदिन करीब 25 हजार तक पहुंच जाए. फिर भी पैनिक होने की कोई बात नहीं है, क्योंकि इस बार पहले जैसा घातक माहौल नहीं बनेगा.’

प्रोफेसर डॉ. मणीन्द्र अग्रवाल ने बताया कि ‘जिस तरह पहले की लहरों में एकदम से ऑक्सीजन की कमी से मरीजों को परेशानी होने लगी थी. कई गंभीर बीमारी वालों को जीवन का संकट पैदा हो गया था. ऐसी समस्या इस बार नहीं आने वाली है. इन दिनों जो कोरोना के केस आ रहे हैं उनमें देखने को मिल रहा है कि जिनकी इमनियुटी कमजोर हो गई है, उन्हीं में इसका असर नजर आ रहा है. इस तरह की इम्युनिटी के कमजोर होने का रीसाइकिल्ड चलता रहेगा.’

उन्होंने कहा कि ‘चूंकि, फिलहाल केस इतनी अधिक संख्या में बढ़ भी नहीं रहे हैं, इसलिए मैंने अभी अपने गणितीय मॉडल पर इसके अध्ययन की कोई जरूरत भी नहीं समझी है. फिर भी मेरा आंकलन है कि इस बार केस इतनी संख्या में नहीं बढ़ेगे, ना यह इतने घातक होंगे जितने कि पहले की कोरोना की लहरों में हो चुके हैं.’

डॉ मणीन्द्र अग्रवाल कानपुर आई आइटी के वह प्रोफेसर हैं, जो देश में आई पहली, दूसरी और तीसरी लहर में अपने गणितीय मॉडल के आधार पर एकदम सटीक भविष्यवाणी करके कोरोना संक्रमण के उतार-चढ़ाव का आंकडा़ प्रस्तुत कर चुके हैं.

बता दें कि उत्तर प्रदेश में मंगलवार को संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 640 पहुंच गई. वहीं, मंगलवार को नोएडा में कोरोना के 65 मरीज सामने आए. नोएडा के साथ-साथ गाजियाबाद में भी मामले बढ़ रहे हैं. खबर के अनुसार, सर्वाधिक सक्रिय केस में लखनऊ तीसरे नंबर पर है.