अगर आप स्कूल के छात्र हैं और लिखने का शौक रखते हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका आया है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक ऐसे राइटिंग कॉन्टेस्ट की घोषणा की है, जिसमें न केवल आपको 50 हजार रुपये तक का नकद इनाम मिल सकता है, बल्कि विदेश (स्विट्जरलैंड) घूमने का सपना भी सच हो सकता है. CBSE ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) 2026 इंटरनेशनल लेटर राइटिंग कंपटीशन' आयोजित करने का निर्देश दिया है. भारतीय डाक विभाग के सहयोग से आयोजित होने वाला यह इस प्रतियोगिता का 55वां संस्करण है.
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क्या है इस साल की थीम?
इस साल की थीम बेहद दिलचस्प और समसामयिक रखी गई है. प्रतियोगिता का विषय है: अपने किसी मित्र को पत्र लिखें कि डिजिटल दुनिया में मानवीय संबंधों (Human Connection) का क्या महत्व है?" (Write a letter to a friend about why human connection matters in a digital world). इस विषय के माध्यम से छात्रों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है कि तकनीक के दौर में आपसी जज्बात और भावनात्मक रिश्ते कितने जरूरी हैं.
जीतने वाले को क्या मिलेगा?
प्रतियोगिता को तीन स्तरों पर बांटा गया है, जहां छात्र मोटी राशि जीत सकते हैं:
1. राष्ट्रीय स्तर:
प्रथम पुरस्कार: 50,000 रुपये और सर्टिफिकेट.
द्वितीय पुरस्कार: 25,000 रुपये और सर्टिफिकेट.
तृतीय पुरस्कार: 10,000 रुपये और सर्टिफिकेट.
2. सर्कल/क्षेत्रीय स्तर:
प्रथम पुरस्कार: 25,000 रुपये.
द्वितीय पुरस्कार: 10,000 रुपये.
तृतीय पुरस्कार: 5,000 रुपये.
3. अंतरराष्ट्रीय स्तर:
भारत की ओर से नेशनल लेवल की बेस्ट एंट्री को वर्ल्ड लेवल पर भेजा जाएगा. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड, सिल्वर और ब्रोंज मेडल दिए जाएंगे. सबसे खास बात यह है कि गोल्ड मेडलिस्ट को स्विट्जरलैंड के बर्न स्थित UPU मुख्यालय जाने का मौका मिल सकता है.
कौन ले सकता है हिस्सा और क्या हैं नियम?
प्रतिभागी अंग्रेजी या भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किसी भी मान्यता प्राप्त भाषा में पत्र लिख सकते हैं. इसका मकसद युवाओं में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति की क्षमता और वैश्विक समझ को विकसित करना है. स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के पोस्टल नोडल ऑफिसर से संपर्क कर इस प्रतियोगिता का आयोजन करें.
CBSE ने 13 जनवरी, 2026 को जारी सर्कुलर में स्कूलों से अपील की है कि वे इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक पहुंचाएं. बोर्ड का मानना है कि इस तरह की पहल से छात्रों में सहानुभूति और वैश्विक नागरिकता की भावना पैदा होती है. अगर आप भी इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो तुरंत अपने स्कूल के प्रिंसिपल या क्लास टीचर से संपर्क करें. विस्तृत जानकारी भारतीय डाक की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है.
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