Shah Jahan real tomb View: मोहब्बत की मिसाल ताजमहल में आज यानी 15 जनवरी से मुगल बादशाह शाहजहां का 371वां उर्स शुरू हो गया है. यह मौका पर्यटकों के लिए बेहद खास है क्योंकि साल के 365 दिनों में से सिर्फ उर्स के दौरान ही ताजमहल के मुख्य गुंबद के नीचे स्थित शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों वाला तहखाना खोला जाता है. ऐसे में अगर आप भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनना चाहते हैं और असली कब्रों को करीब से देखना चाहते हैं 15 से 17 फरवरी के बीच यहां आगरा के ताजमहल जा सकते हैं.
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कब और कैसे देख सकते हैं असली कब्र?
उर्स के दौरान ताजमहल में प्रवेश और तहखाने में जाने की प्रक्रिया को तीन दिनों में विभाजित किया गया है. आज 15 जनवरी से दोपहर 2 बजे के बाद गुस्ल की रस्म के साथ उर्स का आगाज हुआ. इस दौरान तहखाना खोल दिया गया है. 16 जनवरी को संदल की रस्म अदा की जाएगी. शाम के समय जायरीन और पर्यटक तहखाने में जाकर दीदार कर सकेंगे. उर्स के आखिरी दिन यानी 17 जनवरी की सुबह से शाम तक 'चादरपोशी' की रस्म होगी. इस दिन विश्व प्रसिद्ध सप्तरंगी हिंदुस्तानी चादर चढ़ाई जाएगी.
क्या टिकट लगेगा?
15 से 17 जनवरी तक चलने वाले इस उर्स की सबसे खास बात यह है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI ने पर्यटकों के लिए फ्री एंट्री रखी है. 15 और 16 जनवरी को दोपहर 2 बजे के बाद से सूर्यास्त तक प्रवेश मुफ्त रहेगा. वहीं 17 जनवरी के दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक पूरे दिन पर्यटकों के लिए एंट्री फ्री रहेगी. इस दौरान किसी भी टिकट की आवश्यकता नहीं होगी.
कैसे पहुंचें असली कब्र तक?
आम दिनों में पर्यटक मुख्य गुंबद के ऊपर बनी नकली कब्रें ही देख पाते हैं. क्योंकि असली कब्रों की ओर जाने वाला रास्ता लोहे के जाल से बंद रहता है. उर्स के दौरान इस जाल को हटा दिया जाता है.पर्यटक मुख्य चबूतरे से नीचे जाने वाली सीढ़ियों के जरिए सीधे उस तहखाने तक पहुंच सकते हैं जहां शाहजहां और मुमताज की मूल मजारें स्थित हैं. उर्स के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए ताजमहल परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे प्रतिबंधित वस्तुएं (जैसे लाइटर, खाने का सामान, बड़ा बैग) साथ न ले जाएं ताकि सुरक्षा जांच में समय न लगे.
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