संभल में चला बुलडोजर और गिरा दिया गया ग्राम प्रधान अतीक और मुजाहिद घर, फफक-फफक कर रोने लगा ये आदमी

Bulldozer action in Sambhal: संभल में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान ग्राम प्रधान अतीक के आलीशान मकान समेत कुल 5 घरों को ध्वस्त कर दिया गया. आंखों के आगे घर उजड़ता देख पीड़ित परिवार के सदस्य अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते और फफक-फफक कर रोते नजर आए.

Bulldozer action in sambhal

अभिनव माथुर

• 08:02 PM • 15 Jan 2026

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Bulldozer action in Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को बिछोली गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में प्रशासन के दो-दो बुलडोजर एक साथ गरजे. इस कार्रवाई के दौरान ग्राम प्रधान अतीक के आलीशान मकान समेत कुल 5 घरों को ध्वस्त कर दिया गया. आंखों के आगे घर उजड़ता देख पीड़ित परिवार के सदस्य अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते और फफक-फफक कर रोते नजर आए.

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गांव में बुलडोजर की कार्रवाई से मचा हड़कंप

तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में 25 राजस्व अधिकारियों, 20 लेखपालों और रैपिड रिएक्शन फोर्स के जवानों की टीम बिछोली गांव पहुंची. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य गांव की पौने 27 बीघा सरकारी जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराना था. पैमाइश के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि गांव का इमामबाड़ा भी सरकारी जमीन पर बना हुआ है. बुलडोजर को आता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और लोग आनन-फानन में अपना सामान घरों से बाहर निकालने लगे.

ग्राम प्रधान अतीक के घर पर चला बुलडोजर

इस दौरान तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह की मौजूदगी में ग्राम प्रधान के मकान पर बुलडोजर एक्शन से कार्रवाई शुरू हुई. इसके साथ ही गांव की सड़क किनारे की सरकारी जमीन पर बने 5 मकानों को बुलडोजर से गिरा दिया गया.  प्रशासन की बुलडोजर एक्शन की कार्वाई के बीच ग्राम प्रधान पति अतीक ने मौके पर हल्का विरोध करने का प्रयास किया. लेकिन प्रशासन की तेवर देखते हुए ग्राम प्रधान पति पीछे हट गए. बुलडोजर कार्रवाई के बीच एक मकान मालिक मुजाहिद ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया. मुजाहिद ने रोते बिलखते हुए कहा कि जो 'काम हमारे साथ हो रहा है यह सभी के साथ होना चाहिए और जो भी सरकारी भूमि है उसे पूरी ही भूमि को ढूंढ कर निकल जाना चाहिए। केवल हम नहीं अवैध कब्जा करके मकान नहीं बनाया है. हम लोग आज से नहीं रह रहे बल्कि बहुत पुराने समय से इस जगह पर रह रहे हैं. हमारे साथ यह अन्याय हो रहा है और अब हमारे बच्चे कहां पर रहेंगे. हम चाहते हैं कि हमें न्याय मिलना चाहिए.'

तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बातचीत के दौरान कहा कि ग्राम सभा की अलग-अलग श्रेणी की यह सरकारी जमीन गांव में है. जैसे की स्कूल,पंचायत घर, खेल का मैदान की सरकारी जमीनों पर इन लोगों के द्वारा अवैध कब्जा करके मकान बना लिए गए थे. इसको लेकर विभिन्न न्यायालय में मुकदमे भी चले हैं. ट्रायल कोर्ट सभी सभी आदेश जारी हो चुके हैं और उनके अपीलेट कोर्ट से भी आदेश हो चुके हैं. जिन मामलों में अपीलेट कोर्ट से निर्णय हो चुका है आज उन्हें अवैध कब्जे पर बेदखली की कार्रवाई की जा रही है. तहसीलदार ने बताया कि जो भी मामले डिसाइड हो चुके हैं उस पर जरूर कार्रवाई की जाएगी. इसी के साथ जो भी दूसरे अवैध निर्माण सरकारी जमीनों पर किए गए हैं उसकी भी पैमाईश की कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा अगर कोई भी अवैध कब्जा पाया जाएगा तो उसे पर भी बेदखली की कार्रवाई की जाएगी.

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