छात्रों पर पैलेट गन किसने चलवाई... लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर जोरदार हंगामा!

यूपी तक

29 Jul 2026 (अपडेटेड: 29 Jul 2026, 04:24 PM)

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के छात्रों पर गोली चलाने के आरोप से भारी हंगामा मच गया. किरण रिजिजू ने माफी की मांग की, जबकि अखिलेश यादव ने जांच की मांग उठाकर सरकार को घेरा.

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संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान माहौल उस वक्त बेहद गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर छात्रों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई का सीधा आरोप लगा दिया. राहुल गांधी ने सदन में कहा कि देश के छात्रों पर गोलियां और पैलेट्स चलाने के आदेश गृह मंत्री की ओर से दिए गए थे. उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताते हुए भारी हंगामा और नारेबाजी की. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह झूठा और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए उनसे माफी की मांग की. हालांकि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि सरकार को इस बात की जांच करानी चाहिए कि आखिर छात्रों पर इस तरह की कार्रवाई का आदेश किसने दिया. हंगामे के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

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राहुल गांधी का गंभीर आरोप

लोकसभा में अपनी बात रखते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष के भारी शोर-शराबे के बीच कहा 'गृह मंत्री ने हमारे छात्रों पर फायरिंग की अनुमति दी. उन्होंने हमारे छात्रों के शरीर में पैलेट्स चुभाए. उन्होंने भारत के छात्रों पर गोली चलाने के आदेश दिए.' राहुल गांधी ने अपनी दलील जारी रखते हुए आगे कहा कि देश में बल (फोर्स) का इस्तेमाल केवल गृह मंत्री या प्रधानमंत्री के स्तर से ही स्वीकृत हो सकता है.

किरण रिजिजू का तीखा पलटवार

राहुल गांधी के इस बयान पर फौरन संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू अपनी सीट से उठे और उनके आरोपों का जोरदार विरोध किया. रिजिजू ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष को इस तरह के गंभीर और झूठे आरोप बिना किसी सबूत के लगाने की इजाजत नहीं दी जा सकती.

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू का बयान

"आप कितना गलत बोल रहे हैं, आप इसकी कल्पना कर सकते हैं? आप बिना सोच-समझकर शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. किस आधार पर आपने यह बयान दिया है? किसने आपको यह बताया और किस तर्क के साथ आप यह आरोप लगा रहे हैं? राहुल गांधी जी आप नेता प्रतिपक्ष हैं, आपको गंभीरता से बात करनी चाहिए. आपने बेहद गंभीर और झूठा आरोप लगाया है. आपको सदन से माफी मांगनी चाहिए, खेद प्रकट करना चाहिए या फिर अपने शब्दों को वापस लेना चाहिए."

बीच बचाव में उतरे अखिलेश यादव

सदन में गहराते विवाद और हंगामे के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने स्थिति को संभालने की कोशिश की. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष ने कोई गंभीर सवाल उठाया है तो यह सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह स्पष्ट करे और जांच कराए कि युवाओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश किसके कहने पर हुआ.

इस पर किरण रिजिजू ने अखिलेश यादव को जवाब देते हुए कहा कि अखिलेश जी जो कह रहे हैं वह अलग विषय है. राहुल गांधी ने किसी जांच (इन्क्वायरी) की मांग नहीं की थी, बल्कि उन्होंने सीधे गृह मंत्री का नाम लेकर उन पर गोली चलाने के आदेश का झूठा आरोप लगाया है.

हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित

राहुल गांधी के बयान के विरोध में सत्ता पक्ष के सांसदों ने लगातार नारेबाजी और हंगामा जारी रखा. विरोध बढ़ता देख और व्यवस्था बनते न देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अपराह्न 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया. सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी तीर चलते रहे.