'पापा नीचे आ जाओ... नीचे खड़ा चीखता रहा मासूम और फिर पिता के साथ हो गया खौफनाक हादसा

यूपी तक

• 04:05 PM • 29 Jul 2026

सहारनपुर में नशे की हालत में पानी की टंकी पर चढ़े पिता की मौत हो गई. बच्चे ने बार-बार उन्हें नीचे आने की गुहार लगाई. यह घटना लापरवाही और नशे के गंभीर प्रभाव को दर्शाती है.

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पापा नीचे आ जाओ... प्लीज नीचे आ जाओ, मैं आपके साथ चलूंगा.' एक 5 साल के मासूम बेटे की यह पुकार सुनकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. लेकिन पानी की टंकी पर चढ़े पिता के सिर पर ऐसा नशा और जिद सवार थी कि उस पर बच्चे की मिन्नत का भी कोई असर नहीं पड़ा. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित थाना देहात कोतवाली क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी में पत्नी से विवाद के बाद शराब के नशे में पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ा 30 वर्षीय शुभम घंटों चले ड्रामे के बाद आखिरकार टंकी के अंदर जा गिरा, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई. घटना का सबसे भावुक पहलू वह वीडियो है, जिसमें मासूम बच्चा माइक हाथ में लेकर अपने पिता से नीचे उतरने की गुहार लगाता रहा, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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पत्नी से विवाद और नशे में टंकी पर चढ़ा शुभम

जानकारी के अनुसार, कांशीराम कॉलोनी निवासी शुभम (30) का अपनी पत्नी से लंबे समय से विवाद चल रहा था. घटना के दिन शराब के अतिनशे में वह अचानक कॉलोनी की ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया. जब स्थानीय लोगों ने उसे ऊपर देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया. देखते ही देखते नीचे लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. सूचना मिलने पर पुलिस, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और माइक के जरिए उसे उतरने के लिए लगातार समझाते रहे.

5 साल के बेटे को दिया गया माइक

करीब 3 से 4 घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान जब शुभम नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ तो पुलिस ने उसके 5 साल के बेटे को माइक थमा दिया. मासूम बच्चा माइक पर बिलखते हुए बार-बार कहता रहा 'पापा नीचे आ जाओ... पापा रे... एक बार नीचे आ जाओ, मैं आपके साथ चल दूंगा.' बच्चे की निष्पाप पुकार सुनकर वहां खड़े सैकड़ों लोगों का कलेजा पसीज गया. लेकिन जिद पर अड़े शुभम पर इसका कोई असर नहीं पड़ा.

टंकी के अंदर गिरने से मौत

घंटों के प्रयास के बाद अचानक शाम के समय शुभम संतुलन खो बैठा या छलांग लगा दी और सीधे गहरे पानी की टंकी के अंदर जा गिरा. इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. तत्काल नगर निगम और पुलिस की मदद से टंकी का पानी खाली कराया गया और भारी मशक्कत के बाद शुभम को बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

पत्नी का बयान

मृतक की पत्नी ने बताया कि वह पिछले चार सालों से अपने बच्चों के साथ अपने मायके में अलग रह रही है और मेहनत-मजदूरी करके बच्चों का पालन-पोषण कर रही है. उसने बताया 'हमारा महिला थाने से लिखित रूप में फैसला हो गया था. मेरे पिता या भाई नहीं हैं, सिर्फ बीमार मां हैं. शुभम अक्सर शराब पीकर इस तरह की हरकतें करता था और पहले भी दो-तीन बार पानी की टंकी पर चढ़ चुका था.'

नगर निगम की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

घटना के बाद स्थानीय पूर्व पार्षद और निवासियों ने नगर निगम के प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि शुभम पहले भी कई बार टंकी पर चढ़ चुका था, फिर भी नगर निगम ने टंकी की सीढ़ियों पर तारबंदी या घेराबंदी (फैंसिंग) नहीं कराई. मौके पर नगर निगम का कोई ऑपरेटर या सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था, जो सीढ़ियों पर ताला लगाकर रख सके. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो यह हादसा टाला जा सकता था.

नशे की लत और प्रशासनिक लापरवाही का दर्दनाक नतीजा

फिलहाल, मासूम बच्चे का बिलखता हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर रहा है. यह घटना सिर्फ एक परिवार के उजड़ने की कहानी नहीं, बल्कि नशे की लत, पारिवारिक तनाव और प्रशासनिक देखरेख में ढिलाई के घातक परिणामों की एक भयानक तस्वीर पेश करती है.