मुजफ्फरनगर जनपद के बाननगर गांव में यूपी तक की चुनावी पड़ताल के दौरान गांव के विकास और आगामी पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई है. यह गांव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मीरापुर विधानसभा सीट से RLD (लोकदल) विधायक मिथिलेश पाल का पैतृक गांव है. विधायक मिथिलेश पाल के घर के ठीक सामने की सड़क की हालत काफी खस्ता है. ग्रामीणों का कहना है कि जब विधायक के घर के बाहर यह हाल है, तो बाकी गांव की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
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विडंबना यह है कि यह गांव विधायक मिथिलेश पाल के निर्वाचन क्षेत्र]में नहीं आता, इसलिए वे चाहकर भी विधायक निधि से यहां काम नहीं करा सकतीं. वर्तमान महिला प्रधान हिमानी पुंडीर के कामकाज से ग्रामीण खुश नहीं हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं. गांव में आयुष्मान केंद्र और अंबेडकर पार्क जैसी जगहें तो हैं, लेकिन उनका रखरखाव और सौंदर्यीकरण नहीं हुआ है. प्राथमिक विद्यालय के गेट का पत्थर पिछले चार सालों से टूटा हुआ है, जिस पर न तो प्रधान और न ही स्कूल प्रशासन का ध्यान गया है.
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
गांव के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर भारी गंदगी और जलभराव की समस्या है. श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता इतना खराब है कि बारिश के समय मुर्दा ले जाना भी मुश्किल हो जाता है. गांव में लगे वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि हर बार चुनाव में चेहरा बदलता है, लेकिन काम का ढर्रा वही रहता है. उन्होंने मांग की है कि प्रशासन को प्रधान के कार्यों में हस्तक्षेप करना चाहिए और हर 3 या 6 महीने में विकास कार्यों की सार्वजनिक समीक्षा होनी चाहिए.
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