समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक इफ्तार पार्टी में शामिल होकर न केवल मुस्लिम समुदाय को संदेश दिया, बल्कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरते हुए संतों के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया है. अखिलेश यादव लखनऊ में 'माइनॉरिटी डेवलपमेंट फोरम' द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी में शामिल हुए. उनके साथ इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली और कई उलेमा मौजूद थे. इसे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
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शंकराचार्य के अपमान पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि भारत के इतिहास में शायद ही किसी शंकराचार्य को इतना अपमानित होना पड़ा हो जितना वर्तमान सरकार के माध्यम से हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार डराकर काम कर रही है और लोगों को अपमानित कर रही है. अखिलेश ने देश के सभी साधु-संतों और गुरुजनों से अपील की कि वे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करें.
'पीडीए' (PDA) का विस्तार
अखिलेश ने कहा कि जितने भी लोग सरकार की प्रताड़ना या पीड़ा से बंधे हैं, वे सब 'पीडीए' परिवार में शामिल हो रहे हैं. आपको बता दें कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गौ रक्षा के मुद्दे पर वाराणसी से लखनऊ तक यात्रा निकाल रहे हैं, जो 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी. अखिलेश यादव का संतों के समर्थन में आना 'सॉफ्ट हिंदुत्व' और मुस्लिम मतदाताओं के बीच संतुलन बनाने की एक बड़ी सियासी चाल मानी जा रही है.
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