UP Political News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पैठ रखने वाले कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया को लेकर 'दैनिक भास्कर' के नए सर्वे में एक बड़ा संकेत मिला है. सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, राजा भैया का अपने अभेद्य किले कुंडा पर जादू बरकरार है और वे अपनी सीट पर जीत दर्ज करते दिख रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक (JDL) के लिए खतरे की घंटी भी बजी है. सर्वे के अनुसार, राजा भैया की पार्टी की दूसरी पारंपरिक सीट बाबागंज उनके हाथ से खिसकती नजर आ रही है. अगर आज चुनाव होते हैं, तो राजा भैया की पार्टी को पिछले चुनाव के मुकाबले एक सीट का नुकसान हो सकता है और सदन में उनकी मौजूदगी केवल एक सीट (कुंडा) तक सीमित रहने का अनुमान है.
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समग्र रूप से उत्तर प्रदेश की सत्ता की बात करें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रदेश में तीसरी बार वापसी की संभावना प्रबल दिख रही है. सर्वे के मुताबिक, बीजेपी 256 सीटों के साथ एक बार फिर बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है, हालांकि उसे पिछली बार की तुलना में 02 सीटों का मामूली नुकसान उठाना पड़ सकता है. वहीं, विपक्ष के प्रमुख चेहरे के रूप में अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी (सपा) को उछाल मिलता दिख रहा है. सपा 135 सीटों तक पहुंचती नजर आ रही है, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 28 सीटों की बड़ी बढ़त है. विशेष रूप से ब्रज, बुंदेलखंड और अवध के इलाकों में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन बीजेपी को कड़ी टक्कर देता दिखाई दे रहा है.
दूसरी ओर, बीजेपी के छोटे सहयोगी दलों और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के लिए यह सर्वे किसी बड़े झटके से कम नहीं है. सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा का खाता भी खुलता नहीं दिख रहा है और उन्हें सभी 06 सीटों का नुकसान हो सकता है. इसी तरह अनुप्रिया पटेल की अपना दल (S) को 10 सीटों का भारी नुकसान होने का अनुमान है, जिससे उनकी पार्टी महज 03 सीटों पर सिमट सकती है. जयंत चौधरी की आरएलडी को भी 05 सीटों का नुकसान झेलना पड़ सकता है और निषाद पार्टी मात्र 01 सीट पर बचती दिख रही है. कुल मिलाकर, यह सर्वे स्पष्ट करता है कि जहां बड़े दल अपनी जमीन मजबूत कर रहे हैं, वहीं क्षेत्रीय क्षत्रपों और गठबंधन के छोटे साथियों को अपनी सियासी जमीन बचाने के लिए खासी मशक्कत करनी होगी.
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