उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की सियासी हलचल के बीच प्रतापगढ़ की सदर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोमवार को आननफानन में राजेंद्र मौर्य को अपना प्रत्याशी घोषित कर उनका नामांकन करवाया. बता दें कि समाजवादी पार्टी (एसपी) गठबंधन से कृष्णा पटेल प्रतापगढ़ सदर सीट से चुनाव लड़ेंगी. एसपी गठबंधन की इस घोषणा के बाद अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने अपनी मां कृष्णा पटेल के खिलाफ प्रतापगढ़ सदर सीट से अपने पार्टी के प्रत्याशी को वापस लेने का फैसला किया और अपने कोटे की सीट बीजेपी को दे दी.
ADVERTISEMENT
अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल ने बताया, “माता जी कृष्णा पटेल के प्रतापगढ़ विधानसभा से चुनाव मैदान में आने के चलते यह सीट छोड़ी जा रही है, इस सीट पर अपनादल (एस) अपना प्रत्याशी नहीं उतार रही है.”
अनुप्रिया ने नहीं दिया कैंडिडेट, बीजेपी ने उतारा अपना प्रत्याशी
आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के लिए प्रतापगढ़ जनपद में सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन था. बीजेपी ने जिले की सात विधानसभा सीटों में से 6 पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी थी और नामांकन भी करवा दिया था. मुख्यालय की सदर विधानसभा सीट पर सस्पेंस बरकरार था. सभी की निगाहें सदर विधानसभा पर घोषित होने वाले प्रत्याशी पर थी.
नामांकन के आखिरी दिन यानी 8 फरवरी को अंत मे अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का ‘मातृत्व प्रेम’ जागा और उन्होंने अपने कोटे की इस सीट से प्रत्याशी घोषित न करने का ऐलान कर दिया. इसके बाद आननफानन में प्रतापगढ़ सीट से बीजेपी ने राजेंद्र मौर्य को अपना प्रत्याशी घोषित किया. इस दौरान आशीष पटेल प्रतापगढ़ में मौजूद रहे. गौरतलब है, पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर अपना दल (एस) के प्रत्याशी की जीत हुई थी.
बता दें कि यूपी चुनाव 2022 में कृष्णा पटेल की अुगवाई वाली अपना दल (कमेरावादी) समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. वहीं कृष्णा पटेल की बेटी अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) सत्ताधारी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है.
अनुप्रिया पटेल बोलीं- ‘हम वैचारिक रूप से BJP से अलग, धार्मिक राजनीति नहीं करती’
ADVERTISEMENT










