उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने एक और बड़ा वादा सामने रखा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली ‘लोकतंत्र सम्मान निधि’ बढ़ाकर 51 हजार रुपये प्रति माह कर दी जाएगी.
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अखिलेश यादव ने कहा कि आज के समय में लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली सम्मान राशि महंगाई के मुकाबले काफी कम है. उनके मुताबिक, लोकतंत्र सेनानियों ने देश में लोकतंत्र की लड़ाई के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना किया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उनकी सम्मान राशि को बढ़ाकर 51 हजार रुपये महीना किया जाएगा.
सिर्फ सम्मान राशि नहीं, इलाज की सुविधा का भी वादा
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के स्वास्थ्य और इलाज का भी ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने ऐलान किया कि सरकारी अस्पतालों में उनके इलाज और दवाइयों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी और उनका इलाज मुफ्त कराया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने बैठक में कई सुझाव दिए हैं. इन सुझावों को समाजवादी पार्टी अपने भविष्य के घोषणापत्र में शामिल करेगी. ट्रेन और बस किराये समेत दूसरी सुविधाओं को लेकर भी पार्टी विचार करेगी.
अखिलेश ने पुराने संघर्ष को आज से जोड़ा
अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के अनुभवों का जिक्र करते हुए मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिस दौर में लोकतंत्र के लिए संघर्ष हुआ था, उस समय महंगाई, भ्रष्टाचार और अन्याय बड़े मुद्दे थे. उनके मुताबिक आज भी आम लोगों के सामने महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसी चुनौतियां हैं.
उन्होंने कहा कि “जिस काल में पीडीए पर अत्याचार होगा, वो हर काल आपातकाल होगा.” अखिलेश ने मौजूदा दौर को ‘बीजेपी इमरजेंसी’ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा.
2027 के लिए सपा का एक और वादा
अखिलेश यादव का 51 हजार रुपये मासिक सम्मान निधि का ऐलान ऐसे समय हुआ है जब समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है. वादा सीधे उन लोगों से जुड़ा है जिन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आंदोलन किया था.
अखिलेश ने साफ कहा कि 51 हजार रुपये की सम्मान निधि का फैसला समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद लागू किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के इलाज और दूसरी सुविधाओं को लेकर भी घोषणापत्र में प्रावधान करने की बात कही है.
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