Divya Mittal Political Entry: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की एंट्री के बाद अब पूर्वांचल में उनकी चर्चा तेज हो गई है. 13 साल तक IAS अधिकारी के तौर पर काम करने के बाद दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का ऐलान किया है. उन्होंने साफ कहा है कि उत्तर प्रदेश ही उनकी कर्मभूमि होगी और वह यहीं से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी. उन्होंने अभी किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की बात नहीं कही है.
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अब दिव्या मित्तल को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं. कांग्रेस की ओर से अजय राय ने उन्हें पार्टी में आने का न्योता दिया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कहा कि उन्हें तय करना होगा कि वह हरा गमछा पहनेंगी या लाल गमछा. इसे सपा की ओर से दिए गए राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
इसके अलावा राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने दिव्या मित्तल और राजा भैया की तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. इस पोस्ट के बाद दिव्या मित्तल के जनसत्ता दल के साथ जाने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. लेकिन अभी तक दिव्या मित्तल ने किसी पार्टी के साथ जाने का फैसला सार्वजनिक नहीं किया है.
राजनीति में आने का ऐलान
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी नई राजनीतिक पारी का ऐलान कर चुकी हैं. उन्होंने कहा है कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी बात सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाती या पहुंचने के बाद भी सुनी नहीं जाती है.
उन्होंने अपने वीडियो संदेश में उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताया है. उनका कहना है कि वह यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी करेंगी.
दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक अनुभव का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि अब वह लोगों के बीच रहकर उनके मुद्दों पर काम करना चाहती हैं.
यूपी से ही चुनाव लड़ेंगी
दिव्या मित्तल ने साफ कहा है कि उनकी राजनीतिक शुरुआत उत्तर प्रदेश से ही होगी. उन्होंने अभी यह नहीं बताया है कि वह विधानसभा चुनाव किस सीट से लड़ेंगी.
दिव्या मित्तल ने अभी यह क्लियर नहीं किया है कि वह किस सीट से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन मिर्जापुर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. उनके प्रशासनिक करियर की शुरुआत भी मिर्जापुर से हुई थी. मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए वह पानी से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा में आई थीं.
इसके बाद उनका तबादला देवरिया कर दिया गया था. उनके इस्तीफे और राजनीति में आने के ऐलान के बाद अब मिर्जापुर से उनके चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं.
कांग्रेस की ओर से आया न्योता
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान के बाद कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने उन्हें कांग्रेस में आने का न्योता दिया है.
अजय राय ने कहा कि अगर दिव्या मित्तल चुनाव लड़ना चाहती हैं तो कांग्रेस में उनका स्वागत है. इस बयान के बाद कांग्रेस के साथ उनके जुड़ने की चर्चा भी शुरू हुई है.
हालांकि, दिव्या मित्तल की ओर से अभी कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है.
अखिलेश ने दिया राजनीतिक संकेत
दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अब उन्हें तय करना होगा कि वह हरा गमछा डालेंगी या लाल गमछा.
अखिलेश यादव के इस बयान को दिव्या मित्तल के सामने सपा की ओर से विकल्प रखने के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, दिव्या मित्तल ने अभी सपा में शामिल होने की बात नहीं कही है.
राजा भैया की पार्टी का पोस्ट
सपा और कांग्रेस से पार्टी में शामिल होने का न्यौता मिलने के बाद अब राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गई है. उन्होंने दिव्या मित्तल और राजा भैया की एक साझा तस्वीर साझा की है.
पोस्ट में लिखा गया है कि 'क्या उत्तर प्रदेश में राजनीति का एक नया अध्याय शुरू होगा?' इसमें दिव्या मित्तल का राजनीति में स्वागत किया गया और IAS के अनुभव को राजा भैया की जमीनी पकड़ के साथ जोड़ते हुए सवाल किया गया कि क्या यूपी में नई दिशा की शुरुआत होगी.
इस पोस्ट के बाद दिव्या मित्तल के जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के साथ जाने की चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि, पार्टी में शामिल होने को लेकर दिव्या मित्तल की ओर से अभी कोई घोषणा नहीं हुई है.
अनुप्रिया पटेल से पुराना विवाद
दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर की चर्चा के दौरान उनका मिर्जापुर वाला पुराना विवाद भी चर्चा में है. मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान पानी से जुड़े एक मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष पटेल के साथ विवाद हुआ था.
इसके बाद दिव्या मित्तल का तबादला देवरिया कर दिया गया था. यही वजह है कि अब जब वह राजनीति में आने की बात कर रही हैं तो मिर्जापुर को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
राजा भैया से जुड़ा पुराना मामला
राजा भैया और अनुप्रिया पटेल के बीच भी पुराना राजनीतिक विवाद रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अनुप्रिया पटेल ने प्रतापगढ़ में प्रचार के दौरान कहा था कि 'अब राजा रानी के पेट से नहीं, बल्कि EVM से निकलता है.'
राजा भैया ने इस बयान को अपने ऊपर लिया था. इसके बाद उनके समर्थकों ने मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल के खिलाफ प्रचार किया था. उस चुनाव में अनुप्रिया पटेल को कुर्मी और गैर-यादव ओबीसी वोटों का समर्थन मिलने की बात कही गई थी.
अब दिव्या मित्तल और अनुप्रिया पटेल के बीच पुराने विवाद की वजह से राजा भैया की पार्टी की ओर से आए पोस्ट को भी राजनीतिक चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है.
अब फैसला दिव्या मित्तल का
दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश से राजनीति शुरू करने की बात साफ कर दी है, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि वह किस पार्टी के साथ जाएंगी या निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी.
एक तरफ कांग्रेस की ओर से न्योता सामने आया है. दूसरी तरफ अखिलेश यादव के बयान को सपा के राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं, राजा भैया की पार्टी के नेता की पोस्ट ने जनसत्ता दल लोकतांत्रिक को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है.
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दिव्या मित्तल की राजनीतिक पारी किस दिशा में जाएगी, इस पर अब सबकी नजर है. फिलहाल पार्टी और चुनावी सीट को लेकर अंतिम फैसला दिव्या मित्तल को ही करना है.
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