शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ब्रजेश पाठक की बटुक वाली बात के बाद CM योगी को लेकर दे दिया ये रिएक्शन

रोशन जायसवाल

19 Feb 2026 (अपडेटेड: 19 Feb 2026, 04:39 PM)

Shankaracharya Avimukteshwaranand:वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर तीखा प्रहार किया है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों के सम्मान को उन्होंने मुख्यमंत्री की नीतियों की विफलता बताया. शंकराचार्य ने घोषणा की है कि 11 मार्च को लखनऊ में वे तय करेंगे कि योगी आदित्यनाथ असली हिंदू हैं या नहीं.

CM Yogi and Avimukteshwarananda

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Shankaracharya Avimukteshwaranand: उत्तर प्रदेश की राजनीति और धर्म के गलियारों में छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच ठनी रार अब असली बनाम नकली हिंदू की बहस तक जा पहुंची है. इस बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई बदसलूकी और शिखा खींचे जाने को लेकर कुछ ऐसा रिएक्शन दिया जिसने यूपी की सियासत में हलचल पैदा कर दी. ब्रजेश पाठक ने बटुकों के सम्मान में जहां एक ओर कहा कि शिखा खींचना पाप है. वहीं दूसरी ओर अब इस मामले पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रिएक्शन भी सामने आ चुका है. वाराणसी के विद्या मठ में यूपी Tak से बात करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के हालिया प्रायश्चित को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाल पर 'तमाचा' बताया है.

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'ब्रजेश पाठक समझदार, योगी का रास्ता गलत'

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों के सम्मान और शिखा खींचने को पाप बताने पर शंकराचार्य ने कहा कि 'यह स्पष्ट है कि सरकार के भीतर का ही व्यक्ति बता रहा है कि मुख्यमंत्री ने जो रास्ता पकड़ा है वह गलत है. ब्रजेश पाठक समझदार व्यक्ति हैं. वे देख रहे हैं कि राजनीति का बहुत बड़ा बिगाड़ होने वाला है. इसलिए वे डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहे हैं.' 

असली हिंदू या नकली? 

गौ रक्षा के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरे हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनके द्वारा दिए गए 40 दिनों के अल्टीमेटम में से 20 दिन बीत चुके हैं. उन्होंने कहा कि 'मैंने संतों और धर्माचार्यों से कहा है कि या तो योगी जी मेरे दो शास्त्रीय प्रश्नों का जवाब दें वरना मान लिया जाएगा कि वे गलत के साथ खड़े हैं. 11 मार्च को हम लखनऊ जाएंगे और सिद्ध करेंगे कि योगी आदित्यनाथ असली हिंदू हैं या नकली. जो गौ माता को पशु का दर्जा देकर व्यापार होने दे वह कैसा हिंदू?'

बीजेपी के भीतर भी है नाराजगी

शंकराचार्य ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी के कई बड़े नेता, विधायक और पूर्व मंत्री उनके संपर्क में हैं. उनके अनुसार 'कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी अलग-अलग माध्यमों से हमसे कह रहे हैं कि जो हुआ वो गलत था और वे दुखी हैं. लेकिन अभी सत्ता के दबाव में बोल नहीं पा रहे हैं, समय आने पर बोलेंगे.' वहीं शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बयानों पर शंकराचार्य ने साफ किया कि राजनेता अपनी राजनीति के हिसाब से बोलते हैं. लेकिन उनकी कोई राजनीति नहीं है. उनका संघर्ष धर्मनीति और धर्मशास्त्र के लिए है. उन्होंने कहा कि असली प्रायश्चित तब होता है जब गलती का अहसास हो. लेकिन फिलहाल सत्ता में बैठे लोग मूलभूत प्रश्नों (गौ हत्या और सनातन मर्यादा) पर चर्चा करने के बजाय मामले को दबाने में लगे हैं.

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