UP News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल यानी 2027 में हैं, लेकिन राज्य में सियासी उठापटक अभी से शुरू हो गई है. इस बीच बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने एक बड़ा ऐलान कर राजनितिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. 'बहनजी' ने आज यानी बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात को स्पष्ट किया आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा 'एकला चलो' की नीति अपनाएगी और प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अपने ही प्रत्याशी उतारेगी.
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'गठबंधन को लेकर उल्टी खबरें आती हैं उस पर ध्यान न दें'
पिछले कुछ समय से सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि मायावती आगामी चुनावों के लिए किसी बड़े दल या क्षेत्रीय गठबंधन का हिस्सा बन सकती हैं. इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए मायावती ने कहा, "ऐसी कोई भी चर्चा जो चल रही है कि गठबंधन हो रहा है, वह बिल्कुल भ्रामक है. जो गठबंधन को लेकर उल्टी खबरें आती हैं उस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है." मालूम हो कि मायावती ने अपने पिछले कई बयानों में कहा था कि गठबंधन करने से बसपा का वोट तो दूसरी पार्टियों को ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन दूसरी पार्टियों का वोट बसपा को नहीं मिल पाता.
क्या ये ऐलान है विरोधियों के लिए चुनौती?
इस ऐलान के साथ ही मायावती ने भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन दोनों के लिए चुनौती पेश कर दी है. उत्तर प्रदेश में अब मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है जिससे कई सीटों पर समीकरण बदल सकते हैं. मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों में न आएं और केवल पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान दें.
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