अखिलेश यादव तैयार कर रहे गोपनीय लिस्ट इन नेताओं को किसी हाल में नहीं देंगे सपा की टिकट

कुमार अभिषेक

19 Feb 2026 (अपडेटेड: 19 Feb 2026, 11:27 AM)

UP News: यूपी तक के शो आज का यूपी में देखें अखिलेश यादव तैयार कर रहे 'गणेश परिक्रमा' करने वालों की लिस्ट, यूजीसी बिल पर RSS चीफ मोहन भागवत का क्या है बड़ा बयान?

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UP News: यूपी Tak का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और सामाजिक बदलावों का सटीक विश्लेषण लेकर आता है.  आज के अंक में हम राज्य की 2 बड़ी खबरों का गहराई से विश्लेषण करेंगे. पहली खबर समाजवादी पार्टी से है जहां अखिलेश यादव 'गणेश परिक्रमा' करने वाले कार्यकर्ताओं का कच्चा चिट्ठा तैयार कर रहे हैं ताकि 2027 के लिए केवल जमीनी दिग्गजों को ही मौका मिले. दूसरी खबर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के लखनऊ दौरे से जुड़ी है, जिन्होंने यूजीसी बिल पर मचे घमासान के बीच बड़ा और संतुलित बयान दिया है. 

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अखिलेश यादव का 'गणेश परिक्रमा' फिल्टर, 2027 के लिए डेटाबेस तैयार

समाजवादी पार्टी के भीतर 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर एक नई और गोपनीय तैयारी चल रही है. अखिलेश यादव अब उन नेताओं और कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार करवा रहे हैं जो अपना ज्यादातर समय पार्टी दफ्तरों के चक्कर काटने और केवल चेहरा चमकाने में बिताते हैं. पार्टी के पास अब एक पूरा डेटाबेस है, जिसमें फोटो और फोन नंबर के साथ यह जानकारी दर्ज है कि कौन सा कार्यकर्ता कितनी बार पार्टी दफ्तर आया और कितनी बार हाथ मिलाया.

इस रणनीति के पीछे का मकसद 'फील्ड बनाम ऑफिस' का अंतर साफ करना है. पार्टी चाहती है कि टिकट केवल उन्हीं को मिले जिनकी रिपोर्ट ग्राउंड लेवल पर मजबूत है. जो नेता सिर्फ 'गणेश परिक्रमा' कर रहे हैं, उन्हें इस डेटाबेस के जरिए फिल्टर आउट किया जाएगा. 2027 के लिए अखिलेश यादव का यह कदम सबका साथ से ज्यादा सबके काम और कमिटमेंट पर आधारित होने वाला है. 

यूजीसी बिल पर मोहन भागवत का बयान- कानून की मर्यादा और बदलाव की गुंजाइश

लखनऊ प्रवास के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यूजीसी बिल को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे विरोध के बीच अपनी चुप्पी तोड़ी है. प्रबुद्ध जनों के साथ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कानून है, उसे तो मानना ही पड़ेगा. हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण लाइन और जोड़ी कि "अगर कानून गलत है, तो वह बदलेगा भी."

मोहन भागवत का यह बयान काफी संतुलित माना जा रहा है. सवर्ण समाज के भीतर यूजीसी बिल को लेकर जो नाराजगी थी और जिस तरह संघ की आलोचना हो रही थी भागवत ने उसे शांत करने की कोशिश की है. उन्होंने संदेश दिया कि विरोध केवल विरोध के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि कानून की विसंगतियों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए.