राजभर ने NDA से नाराजगी की बातों का किया खंडन, बोले- ‘मोदी जी के नेतृत्व में ही लोकसभा का लड़ेंगे चुनाव’

विनय कुमार सिंह

• 04:54 PM • 15 Nov 2023

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) आज अपनी विधानसभा जहूराबाद में कार्यकर्ताओं के साथ आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक…

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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) आज अपनी विधानसभा जहूराबाद में कार्यकर्ताओं के साथ आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक समीक्षा बैठक किया. इसमें उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर पूजा अर्चना कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने मंत्रिमंडल में शामिल होने की बात पर सफाई दी.

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उन्होंने कहा,

“उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से मैं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह से मिला और उसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से भी मिला था और उन्हीं लोगों के प्रयास से मैं एनडीए में शामिल हुआ.”

उन्होंने आगे कहा कि रह गई यूपी कैबिनेट में मंत्री बनने की बात तो जब भी मंत्रिमंडल विस्तार होगा, मैं कैबिनेट में शामिल होऊंगा.

राजभर ने अपने इंडिया गठबंधन के नेताओं से संपर्क वाले बयान पर सफाई देते हुए कहा कि हमारा सबसे संपर्क है, पक्ष-विपक्ष सबके साथ हम चाय पीते हैं, तो इसका मतलब ये थोड़े न हुआ कि हम राजनीतिक रूप से भी गठबंधन कर लिए.

उन्होंने कहा कि 18 जुलाई, 2023 को दिल्ली में हुई एनडीए की बैठक में सभी घटक दलों ने संकल्प लिया है कि 2024 में हम लोग योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में यूपी की सभी 80 सीटें और देश में 330 सीटें से ज्यादा सीटों को जीतकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाएंगे.

गाजीपुर सीट से लड़ने के सवाल पर राजभर ने कहा कि अगर गाजीपुर सीट मिली तो लड़ेंगे और जीतेंगे भी. वहीं, इस सीट से माफिया डॉन बृजेश सिंह के परिवार से किसी सदस्य के लड़ने की अटकलों पर राजभर ने कहा कि देखिए मुख्तार अंसारी से भी मेरा संबंध है और बृजेश सिंह से भी है. फिलहाल सीट केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा और जो सीट मुझे मिलेगी उसपर हमारी पार्टी का प्रत्याशी होगा.

वहीं, उन्होंने नीतीश कुमार के हालिया बयान की निंदा की और चुटकी भी ली. राजभर ने कहा कि हिंदू धर्म में कहावत है कि साठ साल से ज्यादा उम्र वालों के ज़ुबान से अपशब्द निकल जाते हैं, तो वहीं बात है उन्होंने इशारों में नीतीश कुमार पर सठियाने की बात पर चुटकी ले ली.

वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा लगातार हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी मामले में उन्होंने कहा कि उन्हें पीजीआई में एडमिट होकर इलाज करना चाहिए, वो संविधान की बात नहीं मानते हैं. बाबा साहब ने संविधान में लिखा है कि आप अपने धर्म संप्रदाय के साथ रह सकते हैं और किसी धर्म की निंदा करने का अधिकार किसी को नहीं है. जब वह 5 साल भाजपा के साथ मंत्री थे, तो ये सब बयान नहीं देते थे, आज दे रहे हैं. बसपा सरकार में 4 बार मंत्री थे, तो ऐसा बयान नहीं आता था. आज सत्ता से बेदखल हैं तो दिमाग का दिवालियापन बाहर आ रहा है. ऐसा नहीं होना चाहिए.

फिलहाल ओमप्रकाश राजभर ने एनडीए छोड़ इंडिया गठबंधन से नजदीकी बातों को नकार दिया है और आगामी लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़कर उनको फिर से प्रधानमंत्री बनाने का दावा किया है.