UP News: समाजवादी पार्टी के नेता (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) यानी अपने पीडीए फॉर्मूले को और मजबूत करने के लिए पीडीए पाठशाला आयोजित कर रहे हैं. मगर इस दौरान विवाद भी लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा मामला फिरोजाबाद से सामने आया है. फिरोजाबाद में सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने पीडीए पाठशाला आयोजित की. इसमें लोग भी पहुंचे. मगर यहां सपा नेता ने ऐसा बयान दे दिया, जिसपर विवाद हो गया और ये चर्चाओं में आ गया.
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सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने साफ कहा कि वह हिंदू नहीं हैं. इस दौरान उन्होंने हिंदू धर्म को लेकर कुछ ऐसी भी टिप्पणियां की, जिसके वायरल होते ही विवाद हो गया. सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने कहा कि वह हिंदू नहीं बल्कि यादव हैं. उन्होंने आगे कहा कि जो धर्म इंसान को कुत्ते से नीचा कर दें, वह उस धर्म को नहीं मानते.
सपा नेता की बयानबाजी
सपा की ये पीडीए पाठशाला सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डांडियामई में आयोजित हुई. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने कहा, हम हिंदू नहीं, यादव हैं. जो धर्म इंसान को कुत्ते से नीचे कर दे, मैं उस धर्म को नहीं मानता.
इस दौरान उन्होंने मनु स्मृति और जाति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंसान को शूद्र कहकर अपमानित किया गया है, जबकि सभी लोग मां की कोख से जन्म लेते हैं. इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को भी निशाने पर लिया और कहा कि योगी सरकार में दलितों और पिछड़ों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुआ है. इस दौरान उन्होंने हिंदू धर्म के कुछ समुदायों और जातियों का नाम लेकर भी टिप्पणियां कीं.
सत्ता सिर्फ 10 प्रतिशत लोगों के पास….
सपा जिलाध्यक्ष ने PDA की अवधारणा को समझाते हुए कहा, देश की करीब 90 प्रतिशत आबादी दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग की है, लेकिन सत्ता और व्यवस्था पर 10 प्रतिशत लोगों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक आबादी को भ्रमित कर वर्षों से सत्ता से दूर रखा गया है.
कंबल वितरण के बहाने ग्रामीणों को बुलाया..
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, कार्यक्रम में लोगों को कंबल वितरण के लिए बुलाया गया था. मगर मौके पर समाजवादी नेताओं ने कंबल वितरण की वजह पीडीए पाठशाला आयोजित कर दी. इसको लेकर भी ग्रामीणों में काफी चर्चाएं रहीं.
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