यूपी विधनसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव कितने भाजपा नेता को सपा में ले आएंगे? इन नामों की है चर्चा

कुमार अभिषेक

• 01:27 PM • 08 Oct 2026

'आज का यूपी' में जानें राज्यसभा चुनाव के बाद सीएम योगी के '80-20' बयान पर अखिलेश का पलटवार, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की बीजेपी से बगावत और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की नाराजगी का पूरा विश्लेषण.

Akhilesh Yadav

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यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. पहली बड़ी खबर में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के '80-20' वाले बयान पर छिड़ा सियासी संग्राम और उस पर अखिलेश यादव का पलटवार शामिल है. दूसरी खबर आंवला से बीजेपी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की बगावत, सोशल मीडिया से बीजेपी बायो हटाने और समाजवादी पार्टी में शामिल होने के संकेतों से जुड़ी है. वहीं तीसरी खबर राज्यसभा चुनाव के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी के कद्दावर दलित नेता कौशल किशोर की बढ़ती नाराजगी को लेकर है जिनका परिवार पार्टी में हो रही अनदेखी के बाद अब बीजेपी छोड़ने तक के संकेत दे रहा है.

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सीएम योगी के दांव पर अखिलेश का पलटवार

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नतीजे लगभग साफ हो चुके हैं जिसमें 10 में से 8 सीटें भारतीय जनता पार्टी और 2 सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में जाती दिख रही हैं. इस चुनाव परिणाम के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए नया सियासी नैरेटिव गढ़ दिया है. सीएम योगी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव ने दिखा दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव 80-20 की लड़ाई बनने जा रहा है जहां 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी में पीडीए रहने वाला है.

मुख्यमंत्री के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तुरंत पलटवार किया. अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बयान का वीडियो ट्वीट करते हुए इसे 'पीड़ित, दुखी, अपमानित' और 'पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक (PDA)' के खिलाफ बीजेपी की धमकी बताया. अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को सोते-जागते हर समय पीडीए ही दिखाई देता है, इसलिए उन्हें 108 की माला बनाकर 'पीडीए' का जाप करना चाहिए. सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली हार की बौखलाहट के कारण बीजेपी नेता संतुलन खो बैठे हैं.

धर्मेंद्र कश्यप की बगावत

राज्यसभा चुनाव के बाद बीजेपी के भीतर से पहला बड़ा झटका आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की तरफ से आया है. रुहेलखंड इलाके में कश्यप और ओबीसी समाज के बड़े नेता माने जाने वाले धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर 'टाटा बाय-बाय' लिखकर बगावत का बिगुल फूंक दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अपने 'X'  हैंडल का बायो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वाली प्रोफाइल फोटो भी हटा दी है.

2024 के लोकसभा चुनाव में मामूली अंतर से चुनाव हारने वाले धर्मेंद्र कश्यप ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर भीतरघात का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें चुनाव हरवाया, जब वे मंच की पहली पंक्ति में बैठते हैं तो दर्द होता है. उन्होंने साफ संकेत दिया कि बीजेपी में उनकी बात नहीं सुनी जा रही है और वे जल्द ही अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो रुहेलखंड और आसपास की करीब 25 विधानसभा सीटों पर बीजेपी का ओबीसी गणित बिगड़ सकता है.

राज्यसभा टिकट न मिलने से छलका पूर्व केंद्रीय मंत्री का दर्द

धर्मेंद्र कश्यप के बाद बीजेपी के एक और कद्दावर दलित चेहरे और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है. राज्यसभा चुनाव की सूची में जगह न मिलने और पार्टी कार्यक्रमों में लगातार अनदेखी किए जाने से कौशल किशोर का परिवार आहत है. बीजेपी ने पासी समाज से प्रियंका रावत को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जिसके बाद कौशल किशोर के बेटे विकास किशोर ने सोशल मीडिया पर लिखा 'जहां मां-पिताजी की इज्जत नहीं, वहां रहना नहीं चाहिए.'

कौशल किशोर ने भी एक बातचीत में अपनी गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी के लिए 15 चुनाव लड़ने और मंत्री रहने के बावजूद उन्हें सरकारी और संगठन के कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पार्टी विरोधी काम किया, उन्हें तवज्जो दी जा रही है. माना जा रहा है कि कौशल किशोर का परिवार भी जल्द ही बीजेपी से किनारा कर सकता है और समाजवादी पार्टी या कांग्रेस का रुख कर सकता है.

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