मतदान से पहले ही हर लोकसभा क्षेत्र में कम हुए BJP के 2.5 लाख वोट? अखिलेश यादव ने किया ये दावा

यूपी तक

• 10:47 AM • 08 Mar 2024

UPPSC की 17 मार्च को प्रस्तावित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) प्रारंभिक परीक्षा-2024 रद्द होने के बाद सपा चीफ अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

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Akhilesh Yadav News: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने 17 मार्च को प्रस्तावित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) प्रारंभिक परीक्षा-2024 गुरुवार को स्थगित कर दी. बता दें कि अब इस परीक्षा की जुलाई महीने में आयोजित होने की संभावना है. संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से अचानक यह फैसला क्यों लिया गया, इसकी जानकारी फिलहाल आयोग की तरफ से नहीं दी गई है. मगर इस मामले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा है. 

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अखिलेश ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, "उप्र के लाखों बेरोजगारों को भाजपा सरकार हर दिन एक नकारात्मक समाचार देती है. प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा का स्थगित होना, इसी कड़ी में युवाओं को भाजपा का दिया एक और बड़ा झटका है. पेपर लीक होना, भर्ती में धांधली होना, साक्षात्कार में भेदभाव होना भाजपाइयों की कार्य-पद्धति बन गई है. जो चुनाव जीतने में न्यायपालिका द्वारा लगाए गए कैमरों के सामने धांधली करते हैं, वो परदे के पीछे आयोगों की परीक्षा में क्या-क्या करते होंगे. जो सरकार एक परीक्षा कायदे से नहीं करा सकती, वो क्या तो कानून-व्यवस्था संभालेगी और क्या ही प्रदेश चलाएगी."

 

 

अखिलेश ने किया ये बड़ा दावा

सपा चीफ ने आगे कहा, "अब तो गांव-गांव तक पहुंच चुके, हर लोकसभा में भाजपा को बेरोजगार युवक-युवतियों और उनके परिवार के भाजपा के खिलाफ हो जाने की वजह से जो 2.25 लाख के वोट के नुक़सान की संख्या थी उसे संशोधित करके 2.50 लाख बताना पड़ेगा. उप्र की हर लोकसभा में ये ढाई लाख भाजपा को हटा के ही दम लेंगे. बेरोजगारों की ये ढाई चाल भाजपा को शह भी देगी और मात भी."

इससे पहले हुई थी यूपी पुलिस भर्ती और RO/ARO परीक्षा रद्द

मालूम हो कि पिछले दिनों योगी सरकार ने यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा और RO/ARO परीक्षा को रद्द कर दिया था. छात्रों का दावा था कि इन एग्जाम के पेपर पहले ही लीक हो गए थे. इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था. मामले की जांच सरकार ने करवाई थी, जिसके बाद ये पेपर भी रद्द कर दिए गए थे.