Sitapur News: जिले के विद्यालयों में लापरवाही और शिक्षकों के बीच गुटबाजी पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बेहटा क्षेत्र के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें विभिन्न अनियमितताएं मिलने पर दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया, जबकि पांच कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए गए.
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प्राथमिक विद्यालय सुमेर के निरीक्षण के दौरान विद्यालय निर्धारित समय से पहले बंद मिला. इस पर सहायक अध्यापक निसार अहमद, शिक्षामित्र मलका बानो, प्रधानाध्यापक अंशुल कुमार शुक्ल और शिक्षामित्र शिवकुमार का एक दिन का वेतन रोक दिया गया. निरीक्षण में यह भी पाया गया कि मध्याह्न भोजन (एमडीएम) पंजिका में 20 जुलाई के बाद कोई प्रविष्टि नहीं की गई थी तथा विद्यालय में रंगाई-पुताई का कार्य भी अधूरा था. इस पर बीएसए ने नाराजगी जताते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए.
इसके बाद प्राथमिक विद्यालय ऊंचगांव का निरीक्षण किया गया. यहां मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच के साथ विद्यालय परिसर में उगी घास और कक्षाओं की छतों पर जाले मिलने पर सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए दस दिन का समय दिया गया.
निरीक्षण के दौरान कुछ दिन पहले विद्यालय में पुस्तकों को जलाने का वीडियो वायरल होने के मामले की भी जांच की गई. शिक्षकों, रसोइयों और विद्यार्थियों के बयान दर्ज करने के बाद जांच में सामने आया कि शिक्षकों के बीच गुटबाजी के चलते वीडियो बनाकर वायरल किया गया था. इस मामले में इंचार्ज प्रधानाध्यापक रणविजय सिंह और सहायक अध्यापक जीतपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. साथ ही विद्यालय के समस्त स्टाफ का एक दिन का वेतन भी रोक दिया गया. इसके अलावा बीआरसी बेहटा के निरीक्षण में परिसर की सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर अनुचर अमर बहादुर यादव का भी एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई.
बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासन, स्वच्छता और शैक्षणिक माहौल से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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