4 बुलडोजर आए और गिरा दी गई बिल्डिंग... सीतापुर में सपा कार्यालय को किया गया ध्वस्त, क्यों हुआ ये एक्शन?

Sitapur Bulldozer Action On Samajwadi Party Office: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सोमवार सुबह जिला प्रशासन ने टाउन हॉल स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर बुल्डोजर कार्रवाई करते हुए पूरे भवन को ध्वस्त कर दिया. प्रशासन का कहना है कि यह भवन नजूल भूमि पर बना हुआ था.

 Sitapur Bulldozer Action On Samajwadi Party Office

Bulldozer Action On Sitapur Samajwadi Party Office (Photo: AI Generated)

Sitapur Bulldozer Action News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सोमवार सुबह जिला प्रशासन ने टाउन हॉल स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए पूरे भवन को ध्वस्त कर दिया. प्रशासन का कहना है कि यह भवन नजूल भूमि पर बना हुआ था. नजूल भूमि का मतलब वह सरकारी जमीन जिसका स्वामित्व सरकार के पास होता है. बता दें कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन ने कब्जा छोड़ने का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने दो दिन पहले ही कार्यालय को खाली कर दिया था. इसके बाद डीएम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई.

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नोटिस के बाद खाली कराया गया भवन

प्रशासन की ओर से पहले ही संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर भवन खाली करने के निर्देश दिए गए थे. नोटिस मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कार्यालय को खाली कर दिया था. सोमवार सुबह प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी. कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई.

चार बुलडोजर से गिराया गया कार्यालय

प्रशासन के मुताबिक, समाजवादी पार्टी का यह कार्यालय नजूल भूमि पर बना हुआ था. जानकारी के अनुसार साल 2005 में समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान इस भवन का निर्माण हुआ था. डीएम कोर्ट के आदेश के बाद चार बुलडोजर लगाकर पूरे कार्यालय को जमींदोज कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान कई एसडीएम, स्थानीय पुलिस बल और पीएसी के जवान मौके पर मौजूद रहे, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.

प्रशासन ने डीएम के आदेश का दिया हवाला

नगर पालिका सीतापुर की प्रभारी अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने बताया 'जिलाधिकारी के आदेश पर यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है.' हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि कार्रवाई किस राजनीतिक दल के कार्यालय पर की गई है, तो वह समाजवादी पार्टी का नाम लेने से बचती नजर आईं. प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है.