Saharanpur Case: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया है. एक मां ने अपनी ही अफसर बेटी, जो वर्तमान में हापुड़ में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के पद पर तैनात है, के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है. यह मामला रिश्तों को शर्मसार करने वाला बताया जा रहा है.
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मां ने बेटी और चार अन्य पर दर्ज कराया मुकदमा
यह घटना सहारनपुर के थाना सरसावा क्षेत्र की है. यहां रहने वाली बुजुर्ग महिला मुनेश रानी ने 30 जून को अपनी बेटी सीमा चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. आरोपियों में संजीव कुमार, गंभीर, राजेंद्र राणा और नरेश कुमार के नाम भी शामिल हैं. मुनेश रानी की बेटी सीमा चौधरी वर्तमान में हापुड़ में जिला पूर्ति अधिकारी के पद पर तैनात हैं.
बैंक खाते का कथित दुरुपयोग और 15 लाख रुपये का खुलासा
पीड़िता का आरोप है कि उनकी बेटी ने गाजियाबाद स्थित ICICI बैंक में उनके नाम से एक खाता खुलवाया और उसका पूरा संचालन खुद करती रही. मामले का खुलासा तब हुआ जब बुजुर्ग महिला के मोबाइल पर अचानक ₹15 लाख जमा होने का मैसेज आया. जब उन्होंने बैंक जाकर जांच की, तो उन्हें पता चला कि उनके नाम का उपयोग कथित तौर पर काली कमाई को छिपाने के लिए किया जा रहा था.
जमीन हड़पने और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप
मामला सिर्फ बैंक खाते तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आरोप है कि जमीन हड़पने की साजिश भी रची गई. आरोप के अनुसार, बेटी सीमा चौधरी ने कथित रूप से कुछ भू-माफियाओं के साथ मिलकर 16 सितंबर 2023 की एक फर्जी रसीद तैयार करवाई, जिस पर मुनेश रानी के जाली हस्ताक्षर किए गए. बाद में तहसील स्तर पर जांच कराने पर यह स्पष्ट हुआ कि दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी थे.
विरोध करने पर धमकी और जमीन बेचने की मजबूरी
मुनेश रानी का आरोप है कि जब उन्होंने इस पूरे मामले का विरोध किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई. डर और दबाव के चलते उन्हें अपनी जमीन देहरादून की एक महिला के नाम बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा.
पुलिस कार्रवाई और जांच की स्थिति
पीड़िता ने पहले 13 मई को थाना सरसावा में शिकायत दी थी, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) तक पहुंचा.
SSP के आदेश के बाद 30 जून को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और धोखाधड़ी तथा फर्जी दस्तावेजों के आरोपों की विवेचना जारी है.
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