सहारनपुर, उत्तर प्रदेश: घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद सियासत तेज हो गई है. सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं.
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सहारनपुर में मीडिया से बात करते हुए इमरान मसूद ने कहा, "सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है. सभी दलों की बैठक बुलाकर समाधान निकालना चाहिए, लेकिन उस दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है. हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं."
दिल्ली में LPG सिलेंडर अब 942 रुपये
ताजा बढ़ोतरी के बाद उत्तर प्रदेश में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 979.50 रुपये से बढ़कर 1008 रुपये हो गई है. इससे पहले मार्च में भी सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था. यानी पिछले तीन महीनों में कुल 89 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है.
सरकार ने क्यों बढ़ाए दाम?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई प्रभावित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज उछाल आया है.
सरकार के मुताबिक भारत अपनी करीब 60 फीसदी LPG जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है. फरवरी में अंतरराष्ट्रीय LPG बेंचमार्क कीमत 542 डॉलर प्रति टन थी, जो जून तक बढ़कर करीब 790 डॉलर प्रति टन पहुंच गई. यानी वैश्विक कीमतों में करीब 46 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
सरकार का दावा- उपभोक्ता पूरी कीमत नहीं चुका रहे
केंद्र का कहना है कि एक घरेलू LPG सिलेंडर की वास्तविक लागत अब 1600 रुपये से ज्यादा हो गई है, लेकिन आम उपभोक्ता 942 रुपये और उज्ज्वला योजना के लाभार्थी सिर्फ 642 रुपये ही दे रहे हैं. सरकार के अनुसार हर सिलेंडर पर अभी भी करीब 700 रुपये का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा रहा है.
पड़ोसी देशों से सस्ता गैस मिलने का दावा
सरकार ने दावा किया है कि भारत में रसोई गैस की कीमत कई पड़ोसी देशों से कम है. सरकार के आंकड़ों के अनुसार उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाला 642 रुपये का सिलेंडर पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका की तुलना में सस्ता है.
तेल कंपनियों पर 60 हजार करोड़ रुपये का बोझ
केंद्र के मुताबिक घरेलू LPG पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का कुल अंडर-रिकवरी बोझ बढ़कर 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. सरकार ने इन कंपनियों को राहत देने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी है.
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