Raebareli Mandi Bhav Hike 31 july 2026: लगातार बढ़ती महंगाई ने आम जनता के पसीने छुड़ा दिए हैं. सब्जियों के दाम में अचानक आए भारी उछाल ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़कर रख दी है. आलू-प्याज से लेकर टमाटर और हरी मिर्च तक के दाम आसमान छू रहे हैं, जिसके कारण हरी सब्जियां और सलाद धीरे-धीरे लोगों की थाली से पूरी तरह गायब होते नजर आ रहे हैं.
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सब्जियों की कम आवक और बढ़ती कीमतों ने घर का पूरा बजट बिगाड़ कर रख दिया है. दामों में हो रही बढ़ोतरी के चलते गृहणियों के सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि आखिर रसोई का खर्च कैसे चलाएं और किन-किन चीजों में कटौती करें. सब्जियों के तेवर तल्ख होने से आम आदमी के भोजन का जायका भी पूरी तरह से बिगड़ गया है.
थाली से हरियाली गायब, रसोई का बिगड़ा जायका
मंडी के कारोबारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर आपूर्ति प्रभावित होने से सब्जियों की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई है. मांग और आपूर्ति में अंतर आते ही आलू, टमाटर, प्याज और मिर्च के दाम तेजी से ऊपर चढ़ गए हैं. जो सब्जियां कुछ दिन पहले तक आम आदमी की पहुंच में थीं, अब उनके लिए दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है. बाजार में टमाटर 30-40 रुपए किलो, बैगन 40 रुपए, कद्दू 50, लौकी 40 रुपए किलो बिक रही है. वहीं तरोई 40 रुपए, करेला 60 रुपए किलो बिक रहा है.
व्यापारियों का मानना है कि जब तक मंडियों में आपूर्ति सामान्य नहीं होती और स्थानीय स्तर पर हरी सब्जियों की आवक नहीं बढ़ती, तब तक कीमतों में बहुत ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है. आने वाले दिनों में यदि यही स्थिति रही तो रसोई का बजट संभालना और कठिन हो जाएगा.
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