Raebareli News: प्राइवेट शिक्षकों की अनदेखी पर भड़के प्रबंधक, सीएम से की कैशलेस सुविधा की मांग

Newzo

• 01:52 PM • 30 Jul 2026

Raeabreli Cashless Health Scheme : रायबरेली में निजी विद्यालयों के प्रबंधकों ने मुख्यमंत्री से प्राइवेट शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कैशलेस स्वास्थ्य योजना में शामिल करने की मांग उठाई. उनका कहना है कि सीमित वेतन में काम करने वाले शिक्षकों को गंभीर बीमारी के समय आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए. ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया.

प्राइवेट शिक्षकों की अनदेखी पर भड़के प्रबंधक, सीएम से की कैशलेस सुविधा की मांग

प्राइवेट शिक्षकों की अनदेखी पर भड़के प्रबंधक, सीएम से की कैशलेस सुविधा की मांग

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​Raeabreli Cashless Health Scheme : निजी विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को 'कैशलेस स्वास्थ्य योजना' का लाभ दिलाने की मांग को लेकर गैर-सरकारी विद्यालय प्रबंधकों का एक प्रतिनिधिमंडल मुखर हो गया है. प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष व पदाधिकारियों के साथ मिलकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया और प्राइवेट शिक्षकों को भी इस योजना में शामिल करने की गुहार लगाई.

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​सरकारी शिक्षकों की तुलना में प्राइवेट शिक्षकों की स्थिति कमजोर: रमेश बहादुर सिंह

​एसजेएस स्कूल के प्रबंधक रमेश बहादुर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिस तरह शासकीय शिक्षकों और अधिवक्ताओं को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की है, उसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी शिक्षकों की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा शिक्षक निजी विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर रहे हैं.

​उन्होंने कहा कि ईपीएफ और ईएसआई से आच्छादित होने के बावजूद इन शिक्षकों को किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरकारी शिक्षकों का वेतन लाख-डेढ़ लाख रुपये तक होता है, जबकि सीमित आय में 15 से 25 हजार रुपये पाने वाले प्राइवेट शिक्षकों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है. ऐसे में गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा का संबल मिलना अत्यंत आवश्यक है.

​सीमित आय के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा अत्यंत जरूरी: शशिकांत शर्मा

​वहीं, न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल के प्रबंधक शशिकांत शर्मा ने कहा कि दिन-रात मेहनत करके शिक्षा का अलख जगाने वाले प्राइवेट शिक्षकों का एक बड़ा वर्ग इस योजना से पूरी तरह वंचित है। उन्होंने कहा कि जब यह वर्ग ईपीएफ व ईएसआई जैसी व्यवस्थाओं के तहत पंजीकृत है, तो उन्हें मुख्यमंत्री कैशलेस स्वास्थ्य योजना से दूर रखना न्यायसंगत नहीं है.

​शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जनहित और शिक्षकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए इस योजना के नियमों में संशोधन कर प्राइवेट विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी शामिल करने के दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएं. इस दौरान अरविंद श्रीवास्तव,संजय सिंह,शिवेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य स्कूलों के प्रबंधक मौजूद रहे.