Raebareli News: रायबरेली के सलोन इलाके में दहशत का पर्याय बन चुके शातिर वाहन चोर गिरोह का सलोन पुलिस ने शुक्रवार को पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया. सलोन कोतवाल बालेंदु गौतम की अगुवाई में पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर 8 अत्यंत शातिर और दुस्साहसी चोरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
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आपको बता दें इनके पास से पुलिस ने चोरी की 10 मोटरसाइकिलें, एक ई-रिक्शा, तीन अवैध तमंचे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. अपराधियों के पास से भारी मात्रा में अवैध असलहे मिलने के बाद पुलिस ने शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेज दिया है.
भीड़भाड़ वाले स्थानों से उड़ाते थे वाहन
सलोन कोतवाल बालेंदु गौतम ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह रायबरेली और आसपास के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय था. गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान लवकुश सरोज निवासी बीकापुर मजरे नारायणपुर, डीह, विनोद दुबे निवासी पूरे दुबे मजरे दिलावलपुर,डीह, अनुराग सिंह, धीरेन्द्र चमार निवासी बघौला,सलोन, शिवेन्द्र यादव निवासी अगई, थाना लालगंज अजारा, प्रतापगढ़, शिवकरण पासी निवासी कोईलासा मजरे मंगापुर, थाना उदयपुर, प्रतापगढ़, राम सहारे और रामलखन यादव निवासी सेमरी झकरासी,सलोन के रूप में हुई है.
कबाड़ियों को बेचते थे वाहनों के पुर्जे
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जिला अस्पताल चौराहा, बस स्टैंड, सब्जी मंडी और विभिन्न मेलों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों से मास्टर चाबी के सहारे वाहन पार कर देते थे. पकड़े जाने के डर से वे वाहनों को सीधे बेचने के बजाय उनके कलपुर्जे (पार्ट्स) अलग-अलग कर कबाड़ियों को बेच देते थे, जबकि कुछ वाहनों को राह चलते अज्ञात लोगों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे.
अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में माल बरामद
पुलिस टीम ने पकड़े गए इन शातिर चोरों की निशानदेही पर कुल 11 चोरी के वाहन बरामद किए हैं, जिनमें 10 मोटरसाइकिलें और एक ई-रिक्शा शामिल हैं. इसके अलावा इनके पास से वाहनों की बिक्री से प्राप्त 4,100 रुपये नगद भी मिले हैं. चोरी के साथ-साथ यह गिरोह अवैध हथियारों से भी लैस था. तलाशी के दौरान अभियुक्त विनोद दुबे के कब्जे से 315 बोर का एक अवैध तमंचा व एक जिंदा कारतूस तथा अभियुक्त अनुराग व लवकुश के संयुक्त कब्जे से 12 बोर के दो अवैध तमंचे व दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त विनोद दुबे थाने का हिस्ट्रीशीटर है जिसके खिलाफ पूर्व में 4 मुकदमे दर्ज हैं, वहीं लवकुश और अनुराग का भी पुराना आपराधिक इतिहास रहा है.
कोतवाल बालेंदु गौतम ने बताया कि यह गिरोह पुलिस या जनता द्वारा पकड़े जाने की स्थिति में हमला करने के उद्देश्य से ये असलहे पास रखता था. पुलिस ने सभी आठों आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम व चोरी की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है. इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक अर्चित अग्रवाल, उपनिरीक्षक रवि पंवार, मुख्य आरक्षी दुन्नी लाल, आरक्षी कपिल यादव, अमित सिंह, दीपक यादव और नवीन भाटी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे.
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