Raebareli Weather Today: रायबरेली में उमस की मार, हल्की बारिश के बाद बढ़ी उमस, दिन में पसीने छूटे, रात की नींद उड़ी

Newzo

• 10:05 AM • 08 Jul 2026

Raebareli Weather 8th July 2026 : रायबरेली में हल्की बारिश के बाद उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. दिनभर चिपचिपी गर्मी और रात में बिजली की ट्रिपिंग से लोगों की नींद प्रभावित हुई। वहीं, पर्याप्त बारिश न होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है और खेती की लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

रायबरेली में उमस की मार, हल्की बारिश के बाद बढ़ी उमस, दिन में पसीने छूटे, रात की नींद उड़ी

रायबरेली में उमस की मार, हल्की बारिश के बाद बढ़ी उमस, दिन में पसीने छूटे, रात की नींद उड़ी

Google CTA

Raebareli Weather 8th July 2026: जनपद में मौसम के बदले मिजाज ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मंगलवार को जिले के कुछ क्षेत्रों में हुई हल्की बारिश और रिमझिम फुहारों से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसके उलट बुधवार को तीखी उमस ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया. बाजारों, सरकारी कार्यालयों से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक पर उमस का व्यापक असर देखने को मिला. बारिश के बाद हवा में नमी का ग्राफ बढ़ने से चिपचिपी गर्मी ने लोगों को बुरी तरह परेशान किया. घरों और दफ्तरों में चल रहे पंखे और कूलर भी इस मौसम में बेअसर साबित हुए.

यह भी पढ़ें...

​बिजली की ट्रिपिंग ने छुड़ाए पसीने, रात की नींद भी उड़ी

​एक तरफ जहां उमस से लोग बेहाल थे, वहीं बिजली विभाग की बेरुखी ने आग में घी का काम किया. स्थानीय कटौती और बार-बार हो रही ट्रिपिंग के चलते उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. दिन तो जैसे-तैसे बीता, लेकिन रात में भी उमस का प्रकोप कम नहीं हुआ, जिससे लोगों की नींद प्रभावित हुई.

​बढ़ने लगा बीमारियों का खतरा, डॉक्टरों ने दी सलाह

मौसम में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी अलर्ट रहने को कहा है. चिकित्सकों के मुताबिक इस चिपचिपी गर्मी और उमस के बीच डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), फंगल संक्रमण और हीट स्ट्रेस का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.

किसानों पर दोहरी मार, बढ़ेगी लागत

अपेक्षित बारिश न होने का सबसे बड़ा खामियाजा अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है. जिले में कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. धान की नर्सरी तैयार कर रहे किसानों के सामने पौधों को बचाने की बड़ी चुनौती है. खेतों में नमी बरकरार रखने के लिए उन्हें बार-बार निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है. किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही झमाझम बारिश नहीं हुई, तो उनकी खेती की लागत का बढ़ना तय है.