क्या राजनीति में आएंगे आलोक मौर्य? फिस्टुला की बीमारी और ADM ज्योति मौर्य विवाद पर तोड़ी चुप्पी

आलोक मौर्य ने राजनीति में आने का ऐलान किया है. उन्होंने अपनी बीमारी फिस्टुला के इलाज और ज्योति मौर्य के साथ चल रहे समझौते की स्थिति पर भी बात की. साथ ही पुरुष आयोग के गठन की मांग उठाई.

यूपी तक

• 07:06 PM • 04 May 2026

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Alok and Jyoti Maurya News: उत्तर प्रदेश के आलोक मौर्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने अपने जीवन के कठिन दौर, गंभीर बीमारी और भविष्य की योजनाओं को साझा किया है. आलोक ने स्पष्ट किया है कि वे अब अपनी पहचान एक समाज सेवक और राजनेता के रूप में बनाना चाहते हैं.

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स्वास्थ्य और बीमारी का अनुभव

आलोक मौर्य ने बताया कि वे पिछले कुछ समय से फिस्टुला (Fistula) जैसी कष्टदायक बीमारी से जूझ रहे थे.

  • इलाज की प्रक्रिया: उन्होंने इस बीमारी का इलाज कराया है और अभी भी पूरी तरह ठीक होने की प्रक्रिया जारी है.
  • पारिवारिक स्थिति: ज्योति मौर्य के साथ चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि फिलहाल न्यायालय के माध्यम से मीडिएशन (Mediation) की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने माना कि परिवार और बच्चों का भविष्य उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है.

राजनीति में कदम और देश सेवा का लक्ष्य

आलोक मौर्य ने राजनीति में आने के अपने इरादे साफ कर दिए हैं:

  • पार्टी का चयन: उन्होंने बताया कि कई राजनीतिक दलों से उनके संपर्क हैं, लेकिन फिलहाल उन्होंने किसी विशेष पार्टी का चयन नहीं किया है.
  • मुख्य उद्देश्य: उनका लक्ष्य देश सेवा और जनता के हितों की रक्षा करना है. उनका मानना है कि वे प्रशासनिक और राजनीतिक, दोनों क्षेत्रों में रहकर लोगों की बेहतर सहायता कर सकते हैं.
  • युवाओं पर फोकस: राजनीति में आने के बाद उनकी प्राथमिकता बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को हल करना और स्वच्छता अभियान में योगदान देना होगा.

पुरुष आयोग और महिला अधिकारों पर रुख

आलोक ने समाज में पुरुषों की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है: