Prayagraj Coaching Centres: प्रयागराज में प्रशासन द्वारा कई कोचिंग संस्थानों पर की गई कार्रवाई के बाद छात्रों में गहरी नाराजगी और चिंता देखने को मिल रही है. आरोप है कि मानकों के उल्लंघन के चलते कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. छात्र-छात्राओं का कहना है कि उनके एग्जाम नजदीक हैं, लेकिन कोचिंग बंद होने से उनकी तैयारी पटरी से उतर गई है और वे मजबूरी में लाइब्रेरी और ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर हो गए हैं.
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कोचिंग बंद होने से पढ़ाई पर बड़ा असर
छात्रों ने बताया कि पहले उनकी 12-12 घंटे की मैराथन क्लासेस और नियमित मॉक टेस्ट चलते थे, लेकिन कोचिंग बंद होने के बाद पूरी व्यवस्था ठप हो गई है. कई छात्रों का कहना है कि ऑफलाइन टेस्ट देने से उन्हें परीक्षा जैसा अनुभव मिलता था और गलतियां कम होती थीं, लेकिन अब ऑनलाइन टेस्ट में वह फायदा नहीं मिल पा रहा है.
छात्रों के अनुसार, 8, 9 और 10 जून को होने वाली परीक्षाओं को देखते हुए समय बहुत कम बचा है, लेकिन नियमित टेस्ट और क्लासेस रुकने से उनकी तैयारी कमजोर हो रही है. कई छात्रों ने यह भी कहा कि वे पहले रोज 5 से 7 मॉक टेस्ट देते थे, जो अब पूरी तरह बंद हो गए हैं.
लाइब्रेरी बनी नया सहारा
कोचिंग बंद होने के बाद छात्र अब लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे हैं और वहीं पर मॉक टेस्ट देने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि उनका कहना है कि वहां कोचिंग जैसा माहौल और गाइडेंस नहीं मिल पाता, जिससे पढ़ाई पर असर पड़ रहा है.
कुछ छात्रों ने बताया कि कोचिंग टीचर मारूफ सर ने लाइब्रेरी में मॉक टेस्ट कराने और आंसर शीट चेक करने की व्यवस्था शुरू की है, लेकिन यह व्यवस्था भी पूरी कोचिंग सिस्टम की जगह नहीं ले पा रही है. ऑनलाइन और ऑफलाइन तैयारी के बीच का फर्क छात्रों को साफ महसूस हो रहा है.
आर्थिक दबाव और भविष्य को लेकर चिंता
छात्रों ने यह भी बताया कि वे कई परिवारों से आते हैं, जिनके लिए उनकी पढ़ाई ही एकमात्र उम्मीद है. कुछ के पिता किसान हैं तो कुछ के शॉपकीपर या होमगार्ड, और सीमित संसाधनों के बावजूद वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.
कोचिंग बंद होने से न सिर्फ उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई है, बल्कि आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव भी बढ़ गया है. कई छात्रों ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो उनकी तैयारी और रिजल्ट दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा.
प्रशासन से कोचिंग खोलने की मांग
छात्रों ने यूपी सरकार और प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द कोचिंग संचालन की अनुमति दी जाए ताकि उनकी तैयारी प्रभावित न हो. उनका कहना है कि वे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के पक्ष में हैं, लेकिन इसके साथ ही उनकी पढ़ाई का नुकसान भी नहीं होना चाहिए.
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