UP Police Constable Exam: प्रयागराज में पुलिस भर्ती परीक्षा से ठीक पहले 3 कोचिंग सेंटर सील, परीक्षा के मुहाने पर खड़े लाखों अभ्यर्थी परेशान

UP Police Constable Exam 2026: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा से ठीक पहले प्रयागराज में प्रशासन का बड़ा एक्शन. 8 से 10 जून के बीच होने वाली परीक्षा से पहले फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन में 3 कोचिंग सेंटर सील.

यूपी तक

01 Jun 2026 (अपडेटेड: 01 Jun 2026, 05:11 PM)

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UP Police Constable Exam 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर प्रयागराज में तैयारियां चरम पर हैं. 8 से 10 जून के बीच होने वाली इस उप पुलिस कांस्टेबल (Sub Police Constable) भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए लाखों अभ्यर्थी पूरी तरह मुस्तैद हैं. लेकिन इसी बीच, स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रयागराज के 3 बड़े कोचिंग सेंटरों को अचानक सील कर दिया है. परीक्षा से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से छात्रों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह समय उनके अंतिम रिविजन (Revision) का था.

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प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, सील किए गए कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी (अग्नि सुरक्षा) के मानकों की घोर अनदेखी और उल्लंघन पाया गया था. इसके अलावा, भवन के निकास मार्ग (Emergency Exit) पर जनरेटर का असुरक्षित उपयोग किया जा रहा था, जिसके चलते छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाना पड़ा.

न वक्त पर कोचिंग बंद होने से रिविजन प्रभावित

इस कार्रवाई के बाद अब गेंद पूरी तरह से उन अभ्यर्थियों के भाग्य पर आ गई है जो दिन-रात इस परीक्षा को पास करने के लिए मेहनत कर रहे हैं. अचानक कोचिंग सेंटरों पर ताला लटकने से छात्रों का रिविजन पूरी तरह बाधित हो गया है और वे बेहद परेशान हैं. छात्रों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा है कि परीक्षा के इस बेहद महत्वपूर्ण और नाजुक समय में उनकी पढ़ाई में किसी भी तरह की बाधा न पहुंचाई जाए, क्योंकि इस समय उनका पूरा ध्यान सिर्फ परीक्षा पर होना चाहिए, न कि प्रशासनिक विवादों पर.

कोचिंग संचालकों और अधिकारियों के बीच बढ़ा विवाद

इस पूरे मामले पर कोचिंग संचालकों का तर्क है कि वे सभी आवश्यक नियमों का पालन करते हैं. छात्रों का भविष्य उनकी पहली प्राथमिकता है, इसलिए परीक्षा के ठीक पहले ऐसी कड़ी और अचानक की गई कार्रवाई पूरी तरह से अनावश्यक है. दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारी अपनी बात पर अड़े हैं; उनका कहना है कि छात्रों की जान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस विवाद ने परीक्षा के ऐन वक्त पर छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन के बीच कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.