सूर्या चौहान मर्डर के बाद एनकाउंटर में ढेर हुए असद को लेकर ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को खूब सुनाया

Ghaziabad Murder case: गाजियाबाद के सूर्य चौहान हत्याकांड और मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद यूपी में सियासत गरमा गई है. मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और प्रवक्ता अमीक जमई पर तीखा हमला बोला है.

यूपी तक

01 Jun 2026 (अपडेटेड: 01 Jun 2026, 05:17 PM)

follow google news

Ghaziabad murder case update:गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में सूर्य चौहान की चाकू मारकर की गई निर्मम हत्या और उसके बाद मुख्य आरोपी असद के पुलिस एनकाउंटर ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भारी उबाल ला दिया है. इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर बुरी तरह भड़क गए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर मोर्चा खोलते हुए राजभर ने सपा के प्रवक्ताओं और उनकी नीतियों को आड़े हाथों लिया है.

यह भी पढ़ें...

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी है. उन्होंने सपा प्रमुख को घेरते हुए लिखा, "अखिलेश यादव जी जरा अपने प्रवक्ताओं को इंसानियत का पाठ पढ़ाइए. बकरीद पर आपके वोटर असद ने मासूम सूर्य चौहान की कुर्बानी दे दी और सोशल मीडिया में फक्र से वीडियो डालता रहा. जब पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ठोका तो आपके प्रवक्ता छाती कूट रुदाली गान करने लगे. कह रहे हैं कि उन्हें ऐसी कानून व्यवस्था नहीं चाहिए."

अरे अखिलेश यादव जी... राजभर का तंज

राजभर ने तीखा तंज कसते हुए लिखा, "अरे अखिलेश यादव जी, बेचारा सूर्य चौहान तो 17 साल का लड़का था, मूंछ के बाल भी ढंग से नहीं फूटे थे उसके. अगर यूपी पुलिस की कार्रवाई से उसके परिवार को न्याय मिला तो आप और आपके प्रवक्ताओं के घर में मातम क्यों पसर गया? कल आपके प्रवक्ताओं के घर में चूल्हा क्यों नहीं जला? थोड़ा तो शर्म कीजिए. आप तो मुंह में दही जमा कर बैठे हैं."

राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने सूर्य चौहान की निर्मम हत्या की निंदा करना तो दूर, पीड़ित परिवार के लिए संवेदना के 2 शब्द भी नहीं बोले. उन्होंने बहुजन समाज को आगाह करते हुए कहा कि एसी और पीसी वाले नेताजी प्रेस कॉन्फ्रेंस में असद के एनकाउंटर पर मातम मनाएंगे, लेकिन अमेठी, चंदौली और लखनऊ समेत अन्य जनपदों में बहुजन पर हो रहे अत्याचारों पर अपना मुंह नहीं खोलेंगे. उन्होंने अंत में लिखा, "सपाहियों शर्म करो, चुल्लू भर पानी में डूब मरो."

क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ एनकाउंटर?

गाजियाबाद के खोड़ा इलाके की नवनीत विहार कॉलोनी के रहने वाले सूर्य चौहान पर 28 मई को चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया था. उसे पहले स्थानीय अस्पताल और फिर नोएडा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां बीते शुक्रवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

विवाद की वजह: शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपी असद और मृतक छात्र सूर्य चौहान आपस में दोस्त थे. दोनों के बीच बाइक चलाने को लेकर मामूली विवाद हुआ था, जो देखते ही देखते बड़ी बहस में बदल गया और असद ने चाकू से हमला कर दिया.

परिवार का आरोप: हालांकि, मृतक सूर्य के परिवार का आरोप पुलिस थ्योरी से अलग है. परिवार का कहना है कि सूर्य को फोन कॉल करके एक जगह मिलने के बहाने बुलाया गया था, जहां घात लगाकर बैठे कई हमलावरों ने उस पर चाकू से हमला कर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया.

सूर्य चौहान की हत्या और असद के एनकाउंटर पर जिस तरह की गरमागरम राजनीति शुरू हुई है, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर वार-पलटवार का दौर और तेज होगा.