यूपी में पेट्रोल-डीजल की चौंका देने वाली बढ़ोतरी और बिजली 10% महंगी... त्रस्त जनता ने की 300 यूनिट फ्री बिजली की मांग

उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दामों में 4 बार बढ़ोतरी और बिजली अधिभार 10% बढ़ने से जनता परेशान है. प्रयागराज के लोगों ने सरकार से 300 यूनिट मुफ्त बिजली की मांग की है.

यूपी तक

• 12:59 PM • 01 Jun 2026

follow google news

उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और बिजली पर बढ़े अतिरिक्त बोझ ने आम जनता की कमर तोड़ दी है. प्रदेश में ईंधन के दामों में लगातार चार बार हुई बढ़ोतरी के साथ ही बिजली के अधिभार (Surcharge) में भी 10% का इजाफा कर दिया गया है. इस दोहरी मार से सबसे ज्यादा किसान, मजदूर और गरीब वर्ग बेहाल हैं, जिनके लिए अब घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है. महंगाई के इस तगड़े झटके से त्रस्त लोग अब सरकार से राहत की गुहार लगाते हुए कम से कम 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें...

महंगाई की ग्राउंड रियलिटी जानने के लिए जब प्रयागराज की जनता से राय ली गई, तो लोगों का दर्द छलक उठा. स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और बिजली के दामों में वृद्धि से घरेलू बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है. आम परिवारों के लिए अब रोजमर्रा के खर्चे उठाना एक भारी बोझ बन गया है. सरकार के विकास के दावों पर तंज कसते हुए लोगों ने कहा कि बिजली की ये बढ़ती कीमतें गरीबों को और ज्यादा अंधकार और मुश्किलों में धकेल रही हैं.

सिलेंडर और दैनिक सामान भी हुए महंगे, विपक्ष हमलावर 

उत्तर प्रदेश में सिर्फ ईंधन और बिजली ही नहीं, बल्कि एलपीजी सिलेंडर और दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुएं भी लगातार महंगी हो रही हैं, जो आमजन के लिए गहरी चिंता का विषय है. इस मुद्दे पर सूबे की राजनीति भी गरमा गई है; विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार की नीतियों को घेरते हुए सड़कों पर आवाज उठा रही हैं. वहीं दूसरी तरफ, सरकार का तर्क है कि इस महंगाई के पीछे विश्व युद्ध की स्थितियां और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की वैश्विक कीमतों में हुई भारी वृद्धि मुख्य कारण है.

नीतियों पर उठे सवाल, मध्यम और गरीब वर्ग को राहत का इंतजार

सरकार के इन तर्कों के बावजूद जमीन पर रह रहे आम नागरिकों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है. जनता का कहना है कि उनके मन में सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर कई गंभीर सवाल हैं. लोगों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इस दिशा में कोई ठोस सुधार करे, उनकी वास्तविक समस्याओं को समझे और बाजार में हस्तक्षेप कर महंगाई में कमी लाने का प्रयास करे, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग को इस असहनीय आर्थिक बोझ से राहत मिल सके.