Surya Chauhan murder case: जिस बेटे को परिवार ने बड़े अरमानों से पाला था, उसे दिनदहाड़े बेरहमी से खो देने का दर्द अब भी परिवार की आंखों में साफ दिखाई देता है. गाजियाबाद के सूर्य चौहान हत्याकांड में मुख्य आरोपी असद के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद परिवार ने इसे इंसाफ की दिशा में एक कदम बताया है, लेकिन उनका कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. परिवार अब भी बाकी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है.
ईद के दिन हुई इस दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. अब मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और पीड़ित परिवार की भावनाएं खुलकर सामने आई हैं.
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मुख्य आरोपी के एनकाउंटर के बाद क्या बोला परिवार?
असद के एनकाउंटर के बाद सूर्य चौहान के परिवार ने पुलिस प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार का धन्यवाद किया. परिवार की एक सदस्य ने कहा कि उनकी एक मांग जरूर पूरी हुई है क्योंकि मुख्य आरोपी असद मारा गया है, लेकिन अभी न्याय अधूरा है. उनका कहना है कि इस घटना में केवल एक व्यक्ति शामिल नहीं था, बल्कि कुल सात लोग थे और सभी को बराबर का दोषी माना जाना चाहिए.
परिवार की ओर से कहा गया कि जो लोग हत्या के दौरान मौजूद थे, जिन्होंने सूर्य को पकड़ा और हमले में मदद की, वे भी उतने ही बड़े अपराधी हैं. परिवार का कहना है कि “एक व्यक्ति अपराध करता है तो उसके साथ खड़े लोग भी उतने ही गुनहगार होते हैं.” इसी वजह से उन्होंने बाकी छह आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
बाकी आरोपियों के एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
परिवार ने साफ कहा कि बाकी बचे आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उनका कहना है कि केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए. परिवार ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी दोहराई है. उनका मानना है कि अगर इस मामले में कड़ा संदेश नहीं दिया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं.
स्थानीय लोगों ने भी जताया समर्थन
घटना को लेकर स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है कि प्रदेश में अपराध करने वालों के खिलाफ जिस तरह सख्ती दिखाई जाती है, उसी कारण ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई होती है. लोगों ने पुलिस प्रशासन और सरकार की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अगर अपराधियों पर समय रहते सख्त कदम उठाए जाएं तो समाज में डर और कानून का सम्मान बना रहता है.
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर मीडिया और स्थानीय लोगों का दबाव न होता, तो संभव है कि मामला उतनी तेजी से सामने न आता. उनका मानना है कि इस तरह के गंभीर मामलों में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है.
ईद के दिन हुई थी निर्मम हत्या
गौरतलब है कि 28 मई को गाजियाबाद में सूर्य चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि मुख्य आरोपी असद और उसके साथियों ने सूर्य को बुलाया और फिर उस पर हमला कर दिया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था.
मुख्य आरोपी असद मुठभेड़ में ढेर
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद से मुख्य आरोपी असद फरार चल रहा था और उसके ऊपर इनाम भी घोषित किया गया था. पुलिस को सूचना मिली थी कि वह अपने साथियों से मिलने और पैसे लेकर भागने की फिराक में है. इसी दौरान पुलिस ने घेराबंदी की. आरोप है कि असद ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में वह घायल हो गया. अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई.
अब बाकी आरोपियों पर टिकी नजरें
मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद भी परिवार का दर्द कम नहीं हुआ है. उनका कहना है कि जब तक इस घटना में शामिल बाकी लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उन्हें पूरा इंसाफ नहीं मिलेगा. अब सभी की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि बाकी आरोपियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं.
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