Surya Chauhan Murder Case: गजिआबाद में हुए सूर्य चौहान हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. 28 मई को बकरी ईद के दिन हुई इस वारदात में आरोपियों ने सूर्य चौहान को बेहद सुनियोजित तरीके से बुलाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी. पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरा विवाद पहले से चले आ रहे व्यक्तिगत झगड़े और बाइक चलाने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा था, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया.
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हत्या की साजिश और वारदात का तरीका
जानकारी के अनुसार, असद और उसके साथियों ने सूर्य चौहान को यह कहकर बुलाया कि वह “कभी बकरा हलाल होते हुए देखने आए.” इसी बहाने उसे बुलाकर एक स्थान पर ले जाया गया, जहां पहले से साजिश रची गई थी. जैसे ही सूर्य मौके पर पहुंचा, आरोपियों ने उसे घेर लिया और उस पर चाकुओं से कई बार हमला किया. गंभीर चोटों के कारण सूर्य की मौके पर ही मौत हो गई. इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने इलाके में भारी आक्रोश पैदा कर दिया.
पुलिस कार्रवाई और फरार आरोपी की तलाश
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि मुख्य आरोपी असद घटना के बाद से फरार चल रहा था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया और लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था. पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि वह अलग-अलग जगहों पर छिपकर अपने साथियों से संपर्क कर रहा है और पैसे लेकर शहर से बाहर भागने की कोशिश में था.
एनकाउंटर की पूरी घटना
31 मई की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि असद अपने एक साथी से मिलने के लिए खोड़ा इलाके में आने वाला है. सूचना मिलते ही एसीपी इंदिरापुरम के नेतृत्व में थाना खोड़ा और थाना इंदिरापुरम की पुलिस टीमों ने क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर चेकिंग अभियान शुरू किया.
इसी दौरान पुलिस को एक बाइक पर दो संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए. पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन असद ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें असद को गोली लग गई. गंभीर रूप से घायल असद को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मुठभेड़ में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मौके से बरामद सामान
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को एक देशी पिस्तौल, कारतूस और असद की बाइक बरामद हुई. मौके पर गोलियों के निशान भी पाए गए, जिससे मुठभेड़ की पुष्टि होती है. पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर साक्ष्य जुटाए और आगे की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस का आधिकारिक बयान
डीसीपी धवल जायसवाल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले आरोपियों के बीच बाइक चलाने को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में बढ़ता गया और हिंसक रूप ले लिया. इसी विवाद के चलते 28 मई को असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्य चौहान की हत्या कर दी थी.
पुलिस ने यह भी बताया कि मुठभेड़ के दौरान असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. साथ ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी तेजी से जारी है.
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है. इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है. प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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