प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद करते हुए केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने इस कार्यक्रम में देश के युवाओं की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और डेटा की ताकत जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आज सरकार की गलत नीतियों के कारण देश का युवा बेहाल है और मौजूदा सिस्टम ने उन्हें एक चक्रव्यूह में फंसा दिया है.
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डेटा के बिना एआई बेकार है
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में करीब 40 करोड़ ऊर्जावान युवा हैं, जिनके सामने चीन और अमेरिका भी कुछ नहीं हैं. आज के समय में देश युवाओं की क्षमता और डेटा के दम पर ही आगे बढ़ता है. उन्होंने समझाया कि जैसे पेट्रोल के बिना इंजन नहीं चलता, वैसे ही हमारे डेटा के बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कोई मतलब नहीं है. यह डेटा देश की असली पूंजी है.
युवाओं को चक्रव्यूह में फंसाया
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि आज के सिस्टम ने युवाओं को एक चक्रव्यूह में फंसा दिया है. परिवार के लाखों रुपये खर्च करके और कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने के बाद भी युवाओं को जो डिग्री या सर्टिफिकेट मिलता है, उसका आज कोई मतलब नहीं रह गया है, क्योंकि ये डिग्रियां युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रही हैं.
हजार में सिर्फ 12 को नौकरी
बेरोजगारी के भयानक संकट पर बात करते हुए कांग्रेस नेता ने एक हैरान करने वाला आंकड़ा सामने रखा है. उन्होंने बताया कि आज हालात इतने खराब हैं कि एक हजार युवाओं में से केवल 12 युवाओं को ही प्राइवेट नौकरी मिल पाती है. यह हमारे आज के दौर का सबसे बड़ा और कड़वा सच है.
रील्स 21वीं सदी का नया नशा
राहुल गांधी ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रील्स देखने की आदत को 21वीं सदी का नया नशा बताया है. उन्होंने कहा कि पढ़ाई में लाखों रुपये खर्च करने और नौकरी न मिलने के बाद युवाओं को मजबूरी में ब्लिंकिट और उबर जैसी कंपनियों में 10-10 घंटे दिहाड़ी मजदूरों की तरह काम करना पड़ रहा है.
पेपर लीक से बर्बाद होता भविष्य
कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसने पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए ब्लिंकिट में मजदूरी की, लेकिन सेना की परीक्षा में एक नंबर से रह गया है. इसके बाद जब पेपर लीक हो जाते हैं, तो पैसे वाले लोग पेपर खरीद लेते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह से गरीब और मेहनती युवाओं का भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो जाता है और आज का युवा इसी हकीकत का सामना कर रहा है.
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