प्रयागराज में गाजी मिया की दरगाह पर चढ़ भगवा झंडे लहराए गए, भीड़ लेकर जाने वाला मनेंद्र प्रताप सिंह कौन?

पंकज श्रीवास्तव

06 Apr 2025 (अपडेटेड: 06 Apr 2025, 10:06 PM)

Gazi Miyan Dargah Prayagraj: प्रयागराज में गाजी मिया की दरगाह पर भगवा झंडा फहराने की घटना से विवाद गहराया. जानिए भीड़ की अगुवाई करने वाले मनेंद्र प्रताप सिंह कौन हैं और पूरा मामला क्या है.

Gazi Miyan Dargah Prayagraj

गाजी मिया दरगाह विवाद

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Gazi Miyan Dargah Prayagraj: प्रयागराज में रामनवमी के दिन उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब कुछ युवकों ने गाजी मियां की दरगाह की छत पर चढ़कर भगवा झंडा लहरा दिया और जोरदार नारेबाजी की. यह घटना बहरिया थाना क्षेत्र के सिकंदरा गांव की बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है.

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क्या है पूरा मामला?

घटना सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह से जुड़ी है, जिसे स्थानीय लोग गाजी मियां की मजार कहते हैं. रामनवमी के दिन यहां सुहेलदेव संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भगवा झंडा फहराया और जोरदार नारेबाजी की. इस पूरी घटना की अगुवाई कर रहे थे महाराजा सुहेलदेव सम्मान सुरक्षा मंच से जुड़े छात्र नेता मनेंद्र प्रताप सिंह.

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बाइक रैली के बाद दरगाह पर चढ़े युवक

जानकारी के अनुसार, भगवा झंडा लेकर पहले एक बाइक यात्रा निकाली गई, जिसके बाद कुछ युवक दरगाह की छत पर चढ़े और भगवा झंडा लहराया. साथ ही गाजी मियां के विरोध में नारेबाजी भी की गई. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवकों को ‘गाजी मियां मुर्दाबाद’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए भी देखा जा सकता है.

पूरा मामला नीचे दिए गए वीडियो पर क्लिक कर समझिए

कौन है मनेंद्र प्रताप सिंह?

इस पूरी घटना की अगुआई करने वाला मनेंद्र प्रताप सिंह खुद को छात्र नेता और महाराजा सुहेलदेव मंच से जुड़ा कार्यकर्ता बताता है. मनेंद्र का दावा है कि गाजी मियां की यह मजार अवैध है और इसे हटाया जाना चाहिए. मनेंद्र ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि, 'गाजी मियां कोई संत नहीं था, वह एक अक्रांता था जिसने हिंदुओं की हत्या की थी. वह सिकंदरा कभी आया ही नहीं, लेकिन वक्फ बोर्ड ने यहां जबरन मजार बनवा दी है.'

महेंद्र प्रताप सिंह ने जारी किया ये वीडियो

 

 

मनेंद्र का यह भी कहना है कि गाजी जैसे आक्रांता की कोई भी निशानी देश में नहीं रहनी चाहिए और यही कारण है कि इस प्रतीकात्मक विरोध के तहत भगवा झंडा फहराया गया.

पुलिस का क्या कहना है?

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'जो लोग वीडियो में नजर आ रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही घटना के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भी जांच की जाएगी.' 

फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील हो गया है. प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है और सतर्कता बरत रहा है. पुलिस की जांच पूरी होने तक इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.