योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, यूपी के इन जिलों में खुलेंगी 3 नई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज

आयशा शेख़

• 06:32 PM • 06 Jul 2026

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने तीन नई निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दे दी है. इनमें कानपुर में कृषि आधारित, गाजियाबाद में तकनीकी एवं प्रबंधन और फतेहपुर में नया निजी विश्वविद्यालय स्थापित होगा.

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UP New Private Universities: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. लखनऊ में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में तीन नई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की जानकारी दी.

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इस नए फैसले के बाद अब उत्तर प्रदेश में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की कुल संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी. सरकार का दावा है कि इन यूनिवर्सिटीज के आने से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगारपरक कोर्सेज और रिसर्च की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. 

कानपुर में खुलेगी कृषि आधारित यूनिवर्सिटी

कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, पहली यूनिवर्सिटी कानपुर नगर के बिल्हौर तहसील स्थित गदनपुर अहार गांव में बनने जा रही है. इसे 'स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली' द्वारा 51 एकड़ से ज्यादा जमीन पर तैयार किया जाएगा. यह पूरी तरह एग्रीकल्चर (कृषि) और रिसर्च पर फोकस्ड होगी. इसके लिए बकायदा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश लाया जाएगा. यह कदम यकीनन यूपी के ग्रामीण युवाओं के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.

गाजियाबाद और फतेहपुर को भी मिली सौगात

दूसरी यूनिवर्सिटी पश्चिमी यूपी के गाजियाबाद में खुलेगी. इसे 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी' द्वारा डासना गांव में 26 एकड़ से अधिक जमीन पर बनाया जाएगा. यह सोसाइटी पहले से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज चलाती है, इसलिए माना जा रहा है कि इस इलाके में तकनीकी शिक्षा को और मजबूती मिलेगी.

वहीं तीसरी यूनिवर्सिटी 'एंग्लो संस्कृत कॉलेज' द्वारा फतेहपुर दक्षिणी में 20 एकड़ से ज्यादा जमीन पर स्थापित की जाएगी. मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने साफ किया कि यह शहरी क्षेत्र के लिए तय किए गए जमीन के सभी मानकों को पूरा करती है.

2017 के बाद कैसे बदली यूपी में शिक्षा की तस्वीर?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि पिछले कुछ सालों में यूपी में एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना काम हुआ है. उन्होंने कहा, 

"उत्तर प्रदेश में 2017 तक केवल 14 राज्य विश्वविद्यालय थे, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 8 नए राज्य विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं. इसी तरह, 2017 में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या जो सिर्फ 27 थी, इन 3 नए संस्थानों की मंजूरी के बाद अब 56 हो जाएगी."

 

 

कुल मिलाकर, सरकार का यह फैसला सिर्फ नए कॉलेज खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूपी के छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में जाने से रोकने की एक गंभीर कोशिश भी दिखती है. अब देखना यह होगा कि ये संस्थान कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं और छात्रों को इसका फायदा कब से मिलना शुरू होता है.