Who is Saumya Agarwal: प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में औमी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस अधिकारियों के बीच जबरदस्त बहस देखने को मिली.शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें संगम में स्नान करने से रोका गया. इस दौरान उन्होंने एक-एक पुलिसकर्मियों की फोटो दिखाकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. वहीं मामला बढ़ता देख प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने रविवार को बताया कि शंकराचार्य अपने रथ और लगभग 200 अनुयायियों के साथ संगम पहुंचे थे. उन्होंने सुबह 1 से 10 बजे के बीच जब संगम पर भारी भीड़ और कोहरा था. उस समय रथ के साथ प्रवेश करना सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक था.ऐसे में उन्हें पालकी से नीचे उतरकर पैदल जाने को कहा गया था जिसके बाद उनके अनुयायियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई. इस दौरान अविमुक्तेश्वरानंद के अनुयायियों ने बैरिकेड्स को भी काफी नुकसान पहुंचाया.
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सौम्या अग्रवाल की फोटो दिखाकर जाहिर की नाराजगी
पुलिस के इस रवैये से नाराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें नीचा दिखाने के लिए पालकी से उतरने के लिए कहा जा रहा था. इस दौरान उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि पुलिस ने भगदड़ कराकर जान से मारने की साजिश रची थी. बिना वर्दी के पुलिस वाले उन्हें वहां से ले गए. उनका कहना है कि अब वह संगम में स्नान तभी करेंगे जब बदसलूकी करने वाले अफसर ससम्मान उन्हें ले जाएंगे. इस दौरान उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों की फोटो दिखाकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. इनमें से एक नाम प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल का भी है. शंकराचार्य ने सौम्या अग्रवाल की फोटो लहराते हुए कहा कि 'ये प्रयागराज की मंडलायुक्त हैं सौम्या अग्रवाल. इनके सामने ही ये सारी घटना हुई. अगर ये चाहती तो स्थिति को कंट्रोल कर सकती थीं. लेकिन इन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया और सामने खड़े होकर तमाशा देखती रहीं. ये होंगी आपकी प्रिय हमारे लिए तो नहीं है.'
कौन हैं IAS सौम्या अग्रवाल?
सौम्या अग्रवाल का पूरा बचपन लखनऊ में बीता है. उन्होंने वहीं के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की है.सौम्या अग्रवाल के पिता ज्ञानचंद अग्रवाल रेलवे में सिविल इंजीनियर थे. स्कूल कंप्लीट करने के बाद सौम्या ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की. इसके बाद उन्होंने पुणें की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी की. कंपनी ने कुछ महीने के बाद ही एक सौम्या अग्रवाल को एक प्रोजेक्ट के लिए लंदन भेज दिया. सौम्या अग्रवाल ने दो सालों तक लंदन में नौकरी की और फिर अपने देश वापस आ गईं.
भारत लौटने के बाद सौम्या ने लखनऊ में रहते हुए सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का मन बनाया लिया था. इस बीच उन्होंने 3 महीने तक दिल्ली की एक कोचिंग से गाइडेंस भी लिया था. एक साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने पहले ही प्रयास में 24वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा पास कर ली थी.
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