टीसी मांगने पहुंचे अभिभावक पर भड़कीं प्रधानाध्यापिका! कौशांबी के सरकारी स्कूल में जूते से मारने का वीडियो वायरल

यूपी तक

• 10:06 AM • 11 Jul 2026

कौशांबी के मूरतगंज ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय टीका का पुरवा में टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) को लेकर हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में प्रधानाध्यापिका पर एक अभिभावक को जूते से मारने का आरोप है.

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उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से सरकारी स्कूल की एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका का कथित तौर पर एक अभिभावक को जूते से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. करीब 34 सेकंड के इस वीडियो में प्रधानाध्यापिका एक युवक पर जूते बरसाती दिखाई दे रही हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि पूरा विवाद एक छात्रा का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी कराने को लेकर शुरू हुआ था. वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों हरकत में आ गए हैं.

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टीसी लेने पहुंचे अभिभावक से शुरू हुआ विवाद

यह मामला कौशांबी के मूरतगंज ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय टीका का पुरवा का है. जानकारी के मुताबिक अनुज कुमार यादव अपने रिश्तेदार की बेटी का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) लेने स्कूल पहुंचे थे. उनके साथ मनोज नाम का एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था. आरोप है कि प्रधानाध्यापिका अनीता देवी ने टीसी जारी करने से पहले बच्चे को स्कूल लाने और उसका आधार कार्ड दिखाने की बात कही. दूसरी ओर, अभिभावक का कहना था कि आधार कार्ड पहले ही स्कूल में जमा कराया जा चुका है. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई.

वीडियो बनाने पर भड़कीं प्रधानाध्यापिका, जूते से मारने का आरोप

विवाद बढ़ने पर मनोज कुमार ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया. आरोप है कि वीडियो बनता देख प्रधानाध्यापिका नाराज हो गईं और उन्होंने मोबाइल छीनकर जमीन पर फेंक दिया. पीड़ित पक्ष का दावा है कि जब अनुज मोबाइल उठाने लगे तो धक्का-मुक्की के दौरान प्रधानाध्यापिका गिर गईं. इसके बाद उन्होंने गुस्से में युवक पर जूते से हमला कर दिया. वायरल वीडियो में भी प्रधानाध्यापिका को युवक पर जूते से वार करते हुए देखा जा सकता है.

पीड़ित का आरोप- टीसी के लिए मांगे गए 1000 रुपये

अनुज कुमार यादव ने आरोप लगाया कि उनकी मौसी की बेटी प्राथमिक विद्यालय में चौथी कक्षा की छात्रा थी और उसकी टीसी लेने के लिए स्कूल प्रशासन की ओर से 1000 रुपये 'सुविधा शुल्क' की मांग की गई. उनका कहना है कि जब उन्होंने इसका वीडियो बनाना शुरू किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल तोड़ दिया गया और जूते-चप्पलों से मारपीट की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई. अनुज के अनुसार, 112 नंबर पर सूचना देने के बाद पुलिस की गाड़ी पहुंचती देख प्रधानाध्यापिका स्कूल का गेट बंद कर मौके से चली गईं.

शिक्षा विभाग ने बैठाई जांच

वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कमलेंद्र कुशवाहा ने मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी करने को लेकर हुआ था. अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

दोनों पक्ष पहुंचे थाने, पुलिस ने दर्ज किया केस

मामला बढ़ने के बाद दोनों पक्ष थाने भी पहुंचे. शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और स्थानीय स्तर पर समझौते की भी चर्चा सामने आई है. हालांकि विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

वहीं, मीडिया में मामला प्रमुखता से आने के बाद पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी. चरवा थाना पुलिस ने पीड़ित अनुज कुमार यादव की तहरीर पर प्रधानाध्यापिका अनीता देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस वायरल वीडियो, दोनों पक्षों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है.

वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल

सरकारी स्कूल में टीसी जैसे सामान्य प्रशासनिक कार्य को लेकर मारपीट तक पहुंचा विवाद अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं. फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों मामले की जांच में जुटे हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि पूरे घटनाक्रम में किसकी कितनी जिम्मेदारी थी और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी.