बरेली कैफे कांड करने वाला ऋषभ ठाकुर कई दिन से था फरार, बेखौफ हंसते हुए आया और किया सरेंडर! देखती रही पुलिस

Bareilly Cafe Case: बरेली के चर्चित कैफे कांड का मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर 20 दिन बाद गिरफ्तार. बर्थडे पार्टी में लव जिहाद के नाम पर हुड़दंग करने वाले ऋषभ ने कचहरी में बेखौफ अंदाज में किया सरेंडर. कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा.

कृष्ण गोपाल यादव

18 Jan 2026 (अपडेटेड: 18 Jan 2026, 10:54 AM)

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UP News: बरेली के चर्चित कैफे कांड ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था. एक नर्सिंग छात्रा के बर्थडे सेलिब्रेशन में लव जिहाद का आरोप लगाकर तांडव मचाने वाला मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर आखिरकार पुलिस की पकड़ में आ गया है. करीब 20 दिनों तक फरार रहने के बाद ऋषभ ठाकुर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. लेकिन सरेंडर से पहले उसके बेखौफ अंदाज ने कानून और पुलिस प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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क्या था कैफे कांड?

यह घटना पिछले साल 27 दिसंबर की है. राजेंद्र नगर के एक कैफे में एक नर्सिंग छात्रा अपने क्लासमेट्स और दोस्तों के साथ जन्मदिन मना रही थी. इसी दौरान ऋषभ ठाकुर अपने 10-15 साथियों के साथ दबंगई से कैफे में घुस गया. खुद को बजरंग दल का बताकर इन लोगों ने वहां लव जिहाद का आरोप लगाया और नर्सिंग छात्रा व उसके दोस्तों के साथ बदसलूकी की. अल्पसंख्यक समाज के छात्रों के साथ मारपीट और हुड़दंग किया गया. आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर खुद ही सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था.

पुलिस की नाक के नीचे बनाता रहा वीडियो

घटना के बाद पुलिस ने शुरुआती तौर पर पीड़ित छात्रों और कैफे कर्मचारियों के खिलाफ ही कार्रवाई की थी, जिस पर पुलिस की काफी किरकिरी हुई. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और छह आरोपियों को जेल भेजा, लेकिन मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर फरार रहा. ताज्जुब की बात यह है कि पुलिस उसे पकड़ने के लिए टीमें लगाने का दावा करती रही, लेकिन वह 20 दिनों तक पुलिस की नाक के नीचे सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करता रहा और मौज काटता रहा.

सरेंडर के वक्त ऋषभ ठाकुर का दिखा बेखौफ अंदाज

ऋषभ ठाकुर ने जब सरेंडर किया, तो वहां भी उसका रोला कम नहीं दिखा. सरेंडर से पहले का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह कचहरी रोड पर अपने साथियों के साथ हंसता हुआ और रीलबाजी करता नजर आ रहा है. उसे पुलिस या कानून का कोई खौफ नहीं दिखा बल्कि वह एक हीरो की तरह पेश आने की कोशिश करता नजर आया. 

ऋषभ का रहा है विवादों से नाता

ऋषभ ठाकुर का रिकॉर्ड पहले भी विवादों में रहा है. वह देवबंदी उलेमा महबूब मदनी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाने के मामले में चर्चा में आया था. बजरंग दल ने इस घटना के बाद ऋषभ से किनारा कर लिया और दावा किया कि घटना के वक्त वह संगठन का कार्यकर्ता नहीं था. 

ऋषभ को भेजा गया न्यायिक हिरासत में

क्षेत्राधिकारी प्रथम आशुतोष कुमार के मुताबिक, ऋषभ ठाकुर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर उसके घर पर चस्पा किया गया था. अब उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. कोर्ट ने ऋषभ ठाकुर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. 

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