Ram Mandir SIT Report News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है. इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) आज अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को सौंप सकती है. सूत्रों के मुताबिक सरकार ने शुरुआती जांच के लिए एक सप्ताह का समय दिया था और आज उसी अवधि का अंतिम दिन है. बताया जा रहा है कि SIT अपनी जांच पूरी कर देर रात लौट चुकी है और उसकी प्रारंभिक रिपोर्ट 150 पन्नों से अधिक की हो सकती है. माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए कई महत्वपूर्ण तथ्य शामिल होंगे.
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कई कर्मचारियों से हुई पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, SIT ने 15 जून से जांच शुरू की थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लोगों से 15 दिन बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा था कि जांच में "दूध का दूध और पानी का पानी" हो जाएगा. जांच के दौरान नोटों की गिनती से जुड़े कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई. इनमें मुख्य रूप से लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव और राजेश पाठक के नाम शामिल हैं. जांच एजेंसी ने इन सभी से नोटों की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल-जवाब किए हैं. इसके अलावा मंदिर की आंतरिक व्यवस्था से जुड़े रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव से भी विस्तार से पूछताछ की गई.
बैंक अधिकारियों से भी हुए सवाल
जांच केवल गणना कर्मियों तक सीमित नहीं रही. SIT ने मंदिर में आभूषणों की देखरेख करने वाले कृष्ण देव तिवारी से भी पूछताछ की है. इसके साथ ही एसबीआई शाखा के अधिकारियों और मंदिर में आने वाली दानराशि के प्रबंधन से जुड़े बैंककर्मियों से भी जानकारी जुटाई गई. सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर परिसर प्रभारी गोपाल राव से भी पूछताछ की गई है. जांच एजेंसी अब सभी के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर रिपोर्ट तैयार कर चुकी है, जिसे शासन को सौंपे जाने की संभावना है.
रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
इस बीच मंदिर में दान की गई बहुमूल्य चांदी की वस्तुओं को लेकर दानदाता भी सवाल उठा रहे हैं. दानदाता अनुराग रस्तोगी ने दावा किया कि उन्होंने भगवान रामलला को करीब 60 किलो चांदी की सिल्ली और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भेंट की थीं. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ श्रद्धा भाव से एक विशेष चांदी का दीपक भी दान किया था, लेकिन अब वह मंदिर परिसर में दिखाई नहीं देता. उन्होंने मांग की है कि मंदिर को दान की गई सभी वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड और उनकी वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि दानदाताओं को पारदर्शी जानकारी मिल सके. अनुराग रस्तोगी ने यह भी कहा कि यदि SIT उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुलाती है तो वह पूरी तरह जांच में सहयोग करेंगे.
रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
सूत्रों का कहना है कि जांच के अगले चरण में उन लोगों से भी पूछताछ हो सकती है जिन्होंने सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगाए हैं. इनमें पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर 40 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया था. माना जा रहा है कि SIT उन्हें भी पूछताछ के लिए लखनऊ बुला सकती है. फिलहाल पूरे मामले में सभी की नजरें SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा को लेकर शासन स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं.
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