Siddharthnagar Crime News: तुम्हारी बेटी को मारकर घर के अंदर ही दफना दिया हूं...जो करना है कर लो... 14 जुलाई की दोपहर जब सफीदुन्नीसा के मोबाइल पर उसके दामाद शमशेर अहमद का यह फोन आया तो पैरों तले जमीन खिसक गई. कोई सोच भी नहीं सकता कि कोई इंसान इस कदर हैवान बन जाएगा.
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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है जिसने झकझोर कर रख दिया है. महज 1 लाख रुपये के दहेज की खातिर एक सनकी पति ने शादी के सिर्फ 44 दिनों के भीतर अपनी पत्नी की मुफीदूननिशा की बेरहमी से हत्या कर दी. वारदात को छिपाने के लिए उसने शव को घर के ही एक कमरे में गड्ढा खोदकर दफन कर दिया. लेकिन हत्यारे पति ने खुद फोन कर सास को इस खूनी खेल की जानकारी दी.
1 जून को हुआ था निकाह 14 जुलाई को ही कर दी हत्या
क्राइम की यह सनसनीखेज वारदात डुमरियागंज थाना क्षेत्र के चकमझारी गांव की है. संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना अंतर्गत दशहवा गांव की रहने वाली सफीदुन्नीसा ने अपनी 20 साल की बेटी मुफीदूननिशा का निकाह 1 जून 2026 को मुस्लिम रीति-रिवाज से चकमझारी के रहने वाले शमशेर अहमद के साथ बड़े अरमानों से किया था. मां ने इस शादी की बात मुंबई में रहकर चलाई थी. निकाह के बाद लगा था कि बेटी एक खुशहाल जिंदगी जिएगी. लेकिन लालची ससुराल वालों की नजरें उसकी खुशियों पर नहीं बल्कि दहेज पर थीं. शादी के अगले ही दिन से 1 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी के लिए मुफीदूननिशा को बुरी तरह प्रताड़ित और लहूलुहान किया जाने लगा.
'जैसे मेरी लाडली की जान ली, उसे भी वैसे ही मौत मिले'
14 जुलाई को जब प्रताड़ना की सारी हदें पार हो गईं तो पति शमशेर अहमद ने मुफीदूननिशा को मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद उसने सीधे अपनी सास को फोन घुमाया. रोती-बिलखती पीड़ित मां सफीदुन्नीसा ने बताया कि 'मेरे दामाद शमशेर ने मुझे फोन किया और बेहद ठंडे दिमाग से बोला कि मैंने तुम्हारी लड़की को मार कर घर के अंदर ही दफना दिया है. मेरी मासूम बेटी का कोई कसूर नहीं था. एक महीना पहले ही तो निकाह हुआ था. जैसे उस दरिंदे ने मेरी लाडली की जान ली है, मैं कानून से चाहती हूं कि उसकी भी जान ली जाए. उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले.'
कमरा खोदकर निकाला गया शव
दामाद का फोन कटते ही बदहवास मां तुरंत डुमरियागंज थाने पहुंची और नामजद तहरीर देकर पुलिस को पूरा वाकया बताया. मामला सुनते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में पुलिस बल, फील्ड यूनिट की फॉरेंसिक टीम और मजिस्ट्रेट को साथ लेकर चकमझारी गांव में आरोपी के घर पहुंची. घर के अंदर एक कमरे की जमीन को संदिग्ध पाकर जब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई शुरू कराई गई, तो अंदर मुफीदूननिशा की लाश बरामद हुई. पुलिस ने तुरंत शव को गड्ढे से निकलवाकर सील किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके.
पति, ससुर और सास सलाखों के पीछे
इस दिल दहला देने वाली घटना पर डुमरियागंज सर्कल के सीओ बृजेश कुमार वर्मा ने बताया कि मृतका की मां की सूचना पर पुलिस ने तत्काल उचित और गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया था. सीओ बृजेश कुमार वर्मा ने कहा 'घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है. फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट ने साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति शमशेर अहमद उर्फ शमशेर अली, ससुर हबीबुल्लाह और सास खुशबूननिशा को हिरासत में ले लिया है. इन तीनों नामजद अभियुक्तों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है.'
सिद्धार्थनगर का यह चकमझारी कांड इस बात का गवाह है कि समाज में दहेज नाम का दानव आज भी कितना क्रूर है. शादी के महज डेढ़ महीने के भीतर एक हंसती-खेलती लड़की को मारकर उसी के बेडरूम को कब्रगाह बना देना, अपराधी की खूंखार मानसिकता को दर्शाता है. फिलहाल पुलिस की मुस्तैदी से तीनों मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं. लेकिन पीड़ित परिवार अब सिर्फ एक ही मांग कर रहा है.
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