Forced Conversion Case: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से जबरन धर्मांतरण और उत्पीड़न का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. करीब 15 साल पहले, उरई कोतवाली क्षेत्र के एक बुजुर्ग का कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था. बता दें कि यहां 66 वर्षीय गोपी अहिरवार ने आरोप लगाया कि करीब 15 साल पहले एक मुस्लिम महिला रेशमा ने उन्हें डरा धमकाकर हिंदू धर्म छोड़ने पर मजबूर किया और उनका नाम बदलकर दीन मोहम्मद रख दिया. यही नहीं उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया गया था. सालों बाद मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों की मौजूदगी में बुजुर्ग ने पूरे विधि-विधान से हिंदू धर्म में घर वापसी की और अपनी खोई हुई पहचान वापस हासिल की.
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15 साल पहले बदली गई थी पहचान
यह पूरा मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के बघौरा बाईपास का है. यहां रहने वाले 66 वर्षीय गोपी अहिरवार का कहना है कि करीब 15 साल पहले उरई की रहने वाली रेशमा नाम की महिला ने उन्हें जान से मारने की धमकी देकर जबरन धर्मांतरण कराया था. धर्म परिवर्तन के बाद उनका नाम बदलकर दीन मोहम्मद रख दिया गया था. पीड़ित बुजुर्ग का आरोप है कि उस दौरान उन्हें अपनी मर्जी से जीवन जीने और अपनी मूल धार्मिक पहचान के साथ रहने की इजाजत नहीं दी गई थी.
संपत्ति हड़पने और बंधक बनाने का आरोप
गोपी अहिरवार ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण के बाद महिला ने उनकी कीमती जमीन और अन्य संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया. उन्हें घर के भीतर बंधक बनाकर रखा जाता था और आए दिन उनके साथ मारपीट की जाती थी. बुजुर्ग का यह भी कहना है कि उन्हें डराकर और दबाव बनाकर जबरन खतना कराया गया, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से टूट गए थे.
VHP के हस्तक्षेप के बाद हुई घर वापसी
जब यह मामला विश्व हिंदू परिषद के संज्ञान में आया तो संगठन ने तत्काल हस्तक्षेप किया. विश्व हिंदू परिषद के जिला पदाधिकारी बलवीर सिंह जादौन के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता सक्रिय हुए. मंगलवार को पीडब्ल्यूडी (PWD) कार्यालय परिसर स्थित हनुमान मंदिर में विशेष शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान गोपी अहिरवार ने गंगाजल से स्नान किया, इस्लामी पहचान से जुड़े प्रतीकों को त्यागा, दाढ़ी कटवाई, भगवा वस्त्र धारण किए और मत्रोच्चार के बीच पुनः हिंदू धर्म स्वीकार किया.
पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
अपनी धार्मिक पहचान वापस पाने के बाद गोपी अहिरवार जालौन के पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के कार्यालय पहुंचे और आरोपी महिला रेशमा के खिलाफ लिखित शिकायत दी. उन्होंने आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे ताकि नाम परिवर्तन, पहचान और संपत्ति से जुड़े दावों की जांच हो सके.
VHP का बयान और प्रशासन की कार्रवाई
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी बलवीर सिंह जादौन ने कहा कि “विश्व हिंदू परिषद हिंदुओं पर होने वाले किसी भी अत्याचार या जबरन धर्मांतरण को बर्दाश्त नहीं करेगी. जैसे ही हमें गोपी अहिरवार के मामले की जानकारी मिली, हमने उन्हें सुरक्षा दी और उनकी धार्मिक पहचान वापस दिलाने में मदद की. अब हम प्रशासन से मांग करते हैं कि आरोपी महिला के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.”
वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उरई कोतवाली पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं. पुलिस अब 15 साल पहले हुए नाम परिवर्तन से जुड़े दस्तावेजों, कथित धर्मांतरण की परिस्थितियों और जमीन के कागजातों की गहन जांच कर रही है. मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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