Illegal Madrasa Demolition: सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन और पुलिस का अपराधियों व अवैध निर्माणों के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन स्वीप अभियान तीसरे दिन भी पूरी आक्रामकता से जारी रहा. खोड़ा क्षेत्र में सुल्तान अलारफीन मदरसा और मदरसा रहमानिया समेत कुल तीन मदरसों को सील करने व नोटिस चस्पा करने के बाद आज बुधवार को डासना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने एक और अवैध मदरसे को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया. मौके पर गाजियाबाद के डीएम रविन्द्र मांदड़ और एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करण नैय्यर खुद भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ डटे रहे. प्रशासन ने अवैध कब्जे के एवज में करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये की भारी-भरकम क्षतिपूर्ति राशि वसूलने के भी निर्देश जारी किए हैं.
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खोड़ा में तीसरे दिन भी पुलिस रही अलर्ट
'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तीसरे और फाइनल दिन खोड़ा इलाके में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आया. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पुलिस ने अब तक कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है जिनसे गुप्त स्थान पर सघन पूछताछ की जा रही है. हालांकि जांच और पूछताछ के बाद कुछ बेगुनाह लोगों को छोड़ भी दिया गया है. खोड़ा में अभी भी एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे.
डासना में सरकारी जमीन पर बने मदरसे पर चला बुलडोजर
खोड़ा में हुई सीलिंग की कार्रवाई के ठीक बाद बुधवार को डासना के कल्लूगढ़ी इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया. यहां ग्राम सभा की जमीन पर अवैध रूप से संचालित हो रहे 'मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम' के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर गरजा. राजस्व न्यायालय के आदेशों का अनुपालन न करने पर भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मदरसे के अवैध ढांचे को पूरी तरह से ढहा दिया गया और जमीन को वापस ग्राम सभा के कब्जे में ले लिया गया.
अदालती आदेश के बाद बेदखली
प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार, डासना स्थित इस मदरसे के विरुद्ध राजस्व न्यायालय में विधिक कार्रवाई चल रही थी. अदालत के आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि ग्राम सभा डासना की की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है और पूर्व में दिए गए खाली करने के आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया. इसी के तहत प्रशासन ने आज बेदखली की कार्रवाई की और संबंधित भू-माफियाओं से लगभग 1 करोड़ 23 लाख रुपये जुर्माना वसूलने के कड़े निर्देश जारी किए.
इलाका छावनी में तब्दील
इस ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए डासना और आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े और व्यापक बंदोबस्त किए गए थे. गाजियाबाद के डीएम रविन्द्र मांदड़ ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिन भी मामलों में न्यायालय और राजस्व विभाग के आदेश आ चुके हैं वहां बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद उपजे जनाक्रोश के बीच शुरू हुए इस कड़े प्रशासनिक अभियान से जिले के अन्य अवैध कब्जाधारकों में भी हड़कंप मच गया है.
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