Muzaffarnagar Bonded Labour Factory News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के माड़ी गांव में एक फैक्ट्री के अंदर बंधुआ मजदूरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां देश के अलग-अलग राज्यों और नेपाल से लाए गए मजदूरों को अच्छी नौकरी, हर महीने ₹8000 से ₹12000 वेतन और बेहतर खाने-पीने का लालच देकर बुलाया गया था. लेकिन पहुंचते ही उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई और उन्हें बंधक बनाकर रखा जाने लगा.
ADVERTISEMENT
दिन-रात टॉर्चर और पिटबुल से रखवाली
मजदूरों के अनुसार फैक्ट्री के अंदर उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी. उनके मोबाइल और आधार कार्ड छीन लिए गए और लगातार मारपीट व टॉर्चर किया जाता था. यहां तक कि निगरानी के लिए फैक्ट्री में दो पिटबुल कुत्ते भी रखे गए थे. मजदूरों का कहना है कि उन्हें हर दिन यातनाएं दी जाती थीं, जिससे उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी. यह पूरा मामला किसी फिल्म जैसी कहानी नहीं बल्कि हकीकत में चल रहे शोषण का उदाहरण निकला.
छापेमारी में 12 मजदूर हुए मुक्त
22 जून को लेबर विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की, जिसमें 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया. ये मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और नेपाल से लाए गए थे. मामले का खुलासा तब हुआ जब एक मजदूर किसी तरह भागकर पुलिस तक पहुंचा. इसके बाद कार्रवाई शुरू की गई. इस दौरान फैक्ट्री संचालक शिवम त्यागी और प्रदीप बालियान को गिरफ्तार किया गया. मौके से मजदूरों को प्रताड़ित करने में इस्तेमाल किए गए डंडे और अन्य सामान भी बरामद किए गए. पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है.
परिवारों की वापसी
मुक्त कराए गए मजदूरों को लेने उनके परिजन पहुंचे. जबकि उसी में दो मजदूरों के परिजनों की अभी पहचान नहीं हो सकी है. राजस्थान के जोधपुर निवासी 20 वर्षीय विक्रम सिंह को लेने उनके बड़े भाई मुजफ्फरनगर पहुंचे, जहां भाई को देखकर वे भावुक हो गए और फूट-फूटकर रो पड़े. परिवार ने बताया कि विक्रम चार महीने पहले घूमने की बात कहकर घर से निकला था और फिर लापता हो गया था. पुलिस ने परिवार से संपर्क कर उन्हें जानकारी दी. परिजनों ने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया.
SIT जांच और प्रशासनिक बयान
जानकारी के मुताबिक इस दौरान कुछ मजदूरों की मौत होने की आशंका भी जताई गई है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है. पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया है और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है. एसएसपी मुजफ्फरनगर के अनुसार सभी मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और परिजनों को सूचना दी गई है.
ADVERTISEMENT









