मुरादाबाद में यूं चप्पल बना बदल रही है महिलाओं की जिंदगी! कच्चे माल से लेकर बिक्री तक की पूरी कहानी जान लीजिए

उत्तर प्रदेश में 10 महिलाओं का समूह चप्पल बनाने का कारोबार शुरू कर चुका है, जो अब धीरे-धीरे सफल हो रहा है. इस पहल ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.

जगत गौतम

• 08:20 PM • 30 Aug 2025

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Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बढ़ाया है. बता दें कि यहां की महिलाओं ने मिलकर चप्पल बनाने का कारोबार शुरू किया है, जो अब सफलता की ओर अग्रसर है. इस पहल ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया है बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं.

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10 महिलाओं का है समूह 

इस समूह की अध्यक्ष हिमानी बिश्नोई ने बताया कि उनका दल 10 महिलाओं का है, जो मिलकर चप्पल बनाने का काम करती हैं. हर महीने वे लगभग 10 हजार रुपये का कच्चा माल एकत्र करती हैं, जिससे चप्पलें बनाई जाती हैं. एक जोड़ी चप्पल की बिक्री लगभग 100 रुपये में होती है. इस व्यवसाय से हर महिला को औसतन 7 हजार रुपये का लाभ हो रहा है. समूह की सदस्याओं का कहना है कि वे अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए अपने सपनों को भी पूरा कर पा रही हैं. उनकी मेहनत और समर्पण से यह कारोबार अब धीरे-धीरे प्रगति कर रहा है.

आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणा

यह पहल न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दे रही है बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता की मजबूत तस्वीर भी पेश कर रही है. बाजार में चप्पलों की बिक्री बढ़ रही है, और महिलाओं का आत्मविश्वास भी मजबूत हो रहा है.

अन्य महिलाओं से अपील

आपको बता दें कि समूह की महिलाओं ने अन्य महिलाओं से अपील की है कि वे भी इस तरह का कोई व्यवसाय शुरू करें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं. उनका मानना है कि यदि महिलाएं एकजुट होकर काम करें, तो वे अपने सपनों को आसानी से पूरा कर सकती हैं और समाज में अपनी एक पहचान बना सकती हैं. यह उदाहरण न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है.

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