UP News: मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में हुए हत्याकांड और अपहरण मामले में पुलिस की कार्रवाई के बीच अब गांव वालों का एक बेहद चौंकाने वाला पक्ष सामने आया है. लड़की की बरामदगी और आरोपी पारस सोम की गिरफ्तारी के बाद यूपी Tak से बात करते हुए ग्रामीणों ने इस पूरी घटना को अपहरण के बजाय प्रेम प्रसंग और सियासी साजिश करार दिया है. गांव के लोगों का कहना है कि यह मामला वैसा नहीं है जैसा दिख रहा है. गांव वालों ने इस पूरे प्रकरण पर कई ऐसे दावे किए हैं जो पुलिसिया थ्योरी से बिल्कुल अलग हैं.
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दो-ढाई साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
ग्रामीण सुधीर के मुताबिक, पारस और युवती के बीच पिछले दो-ढाई साल से प्रेम संबंध थे. सुधीर का दावा है कि इस मामले को लेकर गांव में पंचायतें भी हुई थीं. उन्होंने बताया, "पंचायत में लड़के वालों की तरफ से पैसे देने और लड़की की शादी करा देने की बात भी हुई थी. लेकिन लड़का-लड़की नहीं माने और आखिरकार दोनों फरार हो गए."
उम्र का फासला और भागने की थ्योरी
ग्रामीणों ने युवती और लड़के की उम्र को लेकर भी बड़ा दावा किया है. सुधीर का कहना है कि पारस महज 15-16 साल का है, जबकि लड़की की उम्र करीब 23 साल है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में लड़की ही लड़के को लेकर भागी है. सुधीर ने कहा, "प्रशासन या समाज कुछ भी कहे, हमें लगता है कि गलती दोनों की है. हम तो कहते हैं कि अगर सजा देनी है तो दोनों का एनकाउंटर कर दो, क्योंकि दोनों की मर्जी शामिल थी."
चुनाव और राजनीति का आरोप
गांव वालों ने इस संवेदनशील मामले में बाहरी हस्तक्षेप और राजनीति पर भी गुस्सा जाहिर किया. सुधीर के अनुसार, आगामी चुनाव को देखते हुए कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए इसे जातिगत रंग दे रहे हैं और दंगा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि कपसाड़ एक शांतिप्रिय गांव है और यहां के लोग इस मामले को आपसी रंजिश या दंगे में तब्दील नहीं होने देना चाहते.
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