लखनऊ के इको गार्डन में छात्रों के प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके की एंट्री से क्यों भड़के लोग?”

Eco Garden Lucknow Protest: लखनऊ के इको गार्डन में 12 जून को होने वाले प्राइवेट टीचर्स और अभ्यर्थियों के बड़े प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीप के शामिल होने को लेकर माहौल गरमा गया है.

यूपी तक

• 12:10 PM • 12 Jun 2026

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Eco Garden Lucknow Protest: लखनऊ के इको गार्डन में आज बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांगों को लेकर धरने पर एकत्र हुए. सुबह से ही छात्रों की भीड़ बढ़ती गई और देखते ही देखते पूरा परिसर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के माहौल में बदल गया. प्रदर्शनकारियों के हाथों में कई पन्नों की विस्तृत मांग सूची भी देखी गई, जिसे लगभग 10 से 15 पन्नों का बताया जा रहा है. उनका साफ कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्र हित में है और इसमें किसी भी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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स्कोर कार्ड और पारदर्शिता पर जोर

धरने पर बैठे छात्रों ने कई अहम मांगें उठाईं. इनमें सबसे प्रमुख मांग सभी अभ्यर्थियों का विस्तृत स्कोर कार्ड जारी करने की है. इसके साथ ही नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का स्पष्ट आधार बताने, बिना पूरी पारदर्शिता के परिणाम स्वीकार न करने और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाने की मांग की गई.

छात्रों ने लगभग 12,333 अभ्यर्थियों की सूची और चयन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए. कई प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मेरिट और कट-ऑफ को लेकर गंभीर संदेह हैं, क्योंकि कुछ मामलों में 91% से 92% जैसी उच्च मेरिट देखने को मिली है. इसके अलावा सेक्शनल कट-ऑफ (जैसे 40% प्रत्येक सेक्शन में) और GS, मैथ्स, हिंदी जैसे विषयों में स्कोरिंग सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं.

भर्ती प्रक्रिया पर सवाल और अनियमितताओं के आरोप

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में कई ऐसी बातें सामने आई हैं जो सामान्य नहीं लगतीं. उनका कहना है कि चयन और मेरिट पैटर्न को लेकर पारदर्शिता की कमी है, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ रहा है.

हालांकि दूसरी ओर भर्ती बोर्ड (UPSSSC) की तरफ से पहले ही कई बार यह स्पष्ट किया जा चुका है कि वायरल हो रहे कई दावे भ्रामक हैं और पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत ही की गई है. इसके बावजूद छात्रों की मांग है कि हर स्तर पर डेटा और स्कोर से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए.

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और राजनीतिक हस्तक्षेप पर विवाद

धरने के दौरान “कॉकरोच जनता पार्टी” और अभिजीत दीपके के आंदोलन में शामिल होने की चर्चा भी जोर पकड़ती नजर आई. बताया गया कि उन्हें लखनऊ आने की अनुमति भी मिल चुकी है.

हालांकि कई छात्र और शिक्षक इस बात के विरोध में दिखे कि आंदोलन में किसी भी राजनीतिक विचारधारा या पार्टी की भूमिका हो. उनका कहना था कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्र केंद्रित है और इसे किसी राजनीतिक मंच में नहीं बदला जाना चाहिए. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि कोई स्वतंत्र रूप से छात्रों के समर्थन में आता है तो उसका स्वागत है, लेकिन किसी भी राजनीतिक एजेंडा को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

शिक्षकों का समर्थन और छात्र हित की बात

धरने में शामिल कई शिक्षकों ने भी छात्रों का समर्थन किया. उनका कहना था कि वे लंबे समय से छात्रों से जुड़े हुए हैं और उनकी समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं. शिक्षकों ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है.

साथ ही उन्होंने अपील की कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहे और केवल छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर ही ध्यान केंद्रित किया जाए, ताकि वास्तविक मांगें किसी भी प्रकार से भटक न जाएं.

प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था

मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक व्यवस्था भी देखने को मिली. कुछ प्रतिभागियों का कहना था कि पहले के आंदोलनों की तुलना में इस बार सुरक्षा व्यवस्था अधिक सख्त है. हालांकि इसे प्रशासन की सामान्य कानून-व्यवस्था की कार्रवाई बताया जा रहा है.